Friday, February 20, 2026

IISH - ICHCHHAA ( AADHYAATMIK )

 

                         ईश - इच्छा 

 

जिसका भरोसा टूटा इस जहां में  ,

वह खुद ही टूट गया  ,

जिसे धोखा मिला इस जहां में ,

वह धोखे में डूब गया , लूटा गया उसको  ,

दुनिया रंग - बिरंगी है दोस्तों   || 

 

हर कीमत , हर पग  पर , चुकाते आए हैं दोस्तों  ,

आगे क्या होता है  ? यह तो ईश्वर ही जाने  ,

उसी का भरोसा है  हमको  ,हम जानते हैं  ,

ईश्वर हमारा भरोसा कभी नहीं तोड़ेंगे   || 

 

हम कुछ भी माँगें , या ना माँगें ,

हम जानते हैं , ईश्वर हमें वह सब जरूर देंगे  ,

जो हमारे भाग्य में लिखा है  ,

और जो कुछ हमारे लिए अच्छा है   || 

 

हे ईश्वर हमें ही नहीं , पूरे विश्व को ,

कुछ ऐसा ही देना  , जो उनके लिए अच्छा है  ,

हम पर भी उन्हीं के साथ रखना  ,

अपनी कृपा बनाए रखना ईश    || 

  

No comments:

Post a Comment