इच्छा - शक्ति
घड़ी के पैर नहीं होते , फिर भी चलती जाती हैं ,
ना खुद रुकती है , ना किसी को रुकने देती है ,
जीवन भी उसी की रफ्तार से ,चलता रहता है ||
जीवन के चलने के साथ ही ,
भाव बढ़ते हैं , आशाएँ बढ़ती हैं ,
मगर बताओ दोस्तों , क्या भरोसा बढ़ता है ?
यही भरोसा तो , जीवन का आधार है ,
इसी से जीवन , अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता है ||
वैसे घड़ी तो बैटरी से चलती है ,
मगर जीवन साँसों से , और सपनों से चलता है ,
साँसें चलेंगी , तो जीवन चलेगा ,
सपने पलेंगे , तो जीवन पलेगा ,
तो चलाइए जीवन को , मनचाही राह पर ,
कीजिए अपने सपने पूरे , अपनी इच्छा - शक्ति से ,
तभी तो जीवन सुंदर होगा दोस्तों ||
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