Monday, February 23, 2026

ICHCHHAA - SHAKTI ( KSHANIKAA )

 

                        इच्छा - शक्ति 

 

घड़ी के पैर नहीं होते  , फिर भी चलती जाती हैं  ,

ना खुद रुकती है , ना किसी को रुकने देती है  ,

जीवन भी उसी की रफ्तार से ,चलता रहता है   || 

 

जीवन के चलने के साथ ही  ,

भाव बढ़ते हैं  , आशाएँ बढ़ती हैं  ,

मगर बताओ दोस्तों  , क्या भरोसा बढ़ता है   ?

यही भरोसा तो , जीवन का आधार है  ,

इसी से जीवन  , अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता है  || 

 

वैसे घड़ी तो बैटरी से चलती है  ,

मगर जीवन साँसों से , और सपनों से चलता है  ,

साँसें चलेंगी , तो जीवन चलेगा  ,

सपने पलेंगे , तो जीवन पलेगा ,

तो चलाइए जीवन को , मनचाही राह पर  ,

कीजिए अपने सपने पूरे  , अपनी इच्छा - शक्ति से  ,

तभी तो जीवन सुंदर होगा  दोस्तों   || 

 

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