Friday, February 6, 2026

EK - DOOJE SE ( CHANDRAMAA )

 

                              एक - दूजे से  

 

चलती हुई पवन है , शांत और शीतल  ,

यही पवन तो  , उड़ा ले जाएगी हमें  ,

ले चल पवन हमें ऊपर , गगन के प्रांगण में ,

जहाँ चाँद रहता है  , हम चाहते हैं पवन  ,

हम वहाँ जाएँ  , चाँद से दो बातें कर आएँ    || 

 

मेरी पवन , प्यारी पवन ,तेरा बहुत उपकार होगा  ,

जो हमें उड़ाएगी ,बहुत दूर  ले  जाएगी   ,

आजा - आजा ले चल ,हमें अपने साथ  ,

अपने पंखों के सहारे  ,  ले  चल  हमें उड़ाकर  || 

 

चाँद भी तो अकेला है , गगना के प्रांगण में  ,

उसे भी दोस्त मिल जाएँगे  , हमारे वहाँ जाने से  ,

तुम्हारा साथ भी होगा पवन  , सभी दोस्त मिल कर  ,

मुस्कानें बाँटेंगे , एक - दूजे से  ,एक - दूजे से  || 

 

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