दीवानापन
प्यार के नाम एक पैगाम ----
ये दीवानापन मेरा , वो दीवानापन तेरा ,
जिंदगी मानो दीवानी हो गई , प्यार की शुरुआत भी हो गई ,
सारा जहां सुंदर सा लगने लगा ,
सारा चमन फूलों से सजने लगा , चहुँ ओर महक भी छा गई ||
ऐसे में हमारा दिल , दीवाना हो गया
प्यार के धागों से सजकर ,दिल खो गया ,
तुम और मैं दोनों ही तो ,प्यारे से जहां में खो गए ,
इस दीवानेपन से राहों को भी , सुगमता मिल गई ||
प्यार के दरिया में , गोते हम खाते हुए ,
पार करने लगे उस प्यार के ,गहरे दरिया को ,
दिल भी डूबा हमारा , हम भी डूबे दरिया में ,
और फिर हमको मंजिल मिल गई , मिल गई ||
No comments:
Post a Comment