Tuesday, February 24, 2026

SHOONYA ( KSHANIKAA )

 

                                  शून्य 

 

शून्य हूँ मैं शून्य बंधु  , गोल - गोल  शून्य  ,

सभी कहते हैं बंधु   , मोल नहीं कुछ शून्य का  ,

मगर ना मानूँ मैं  , कैसे मानूँ यह बात   ?

मैं तो हूँ अनमोल बंधु , मैं तो हूँ अनमोल    || 

 

किसी भी अंक के  , पहले लगा तो नहीं है मेरा मोल ,

मगर किसी भी अंक के , आगे लगा तो मैं अनमोल  ,

उस अंक का मोल भी बढ़ जाता  ,

जो अंक पाए मेरा साथ बंधु  || 

 

लगाते  जाओ अंक के आगे  शून्य - शून्य  ,

मोल बढ़ता - बढ़ता जाएगा  उस अंक का  ,

जितने शून्य लगाओगे  , उतना ही बढ़ेगा मोल  ,

चलो बंधु बढ़ा लो , अपने अंक का मोल  ,

मुझे लगाते चलो , जोड़ते चलो  ,

बन जाओ अनमोल ,  बंधु  बन जाओ अनमोल   || 

 

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