Sunday, February 8, 2026

KHILAA MAN ( KSHANIKAA )

 

                          खिला मन  

 

शब्द मिलें शब्दों से , तो गीत बन जाता है  ,

सुर मिलें सुरों से , तो संगीत बन जाता है  ,

गीत और संगीत के मिलने से  , राग बन जाता है  ,

जो दिल में बस जाता है , मुस्कान बन जाता है   || 

 

मुस्कान उतरे होठों पर , तो चेहरा भी सज जाता है  ,

चेहरे के सजते ही , आँखों में चमक आती है  ,

उसी चमक से तो , ये दुनिया चमक जाती है   || 

 

दुनिया के चमकने से ही  ,मन भी खिल उठता है  ,

तभी तो चमन के फूल भी खिल जाते हैं  ,

फूलों के खिलने से , पूरा चमन महक उठता है  ,

हर चमन की खुश्बुओं  से , ये जग महक उठता है   ||  

 

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