लड़ी मोतियों की
मोतियों की लड़ी झूलती , है गगन में ,
एक मोती सूरज है , जग में उजियारा देता ,
एक मोती चंदा है , जो शीतल चाँदनी देता ,
मोतियों की एक लड़ी हूँ मैं , दामिनी गगन में ||
अनेक मोतियों की लड़ी में ,
एक मोती पृथ्वी है , जीवंत और प्यारी ,
मानव इस पर अनमोल कृति , उस रचनाकार की ,
मुस्कान मिली है अनमोल उपहार , उस रचनाकार से ||
वीनस एक , बहुत खूबसूरत मोती , इस लड़ी में ,
जो संध्या काल में ही , चमकता गगन में ,
ऐसा खूबसूरत मोती तो , सबकी मुस्कान जगाता ,
ऐसा खूबसूरत मोती तो , सबके दिल में बस जाता ||
रात के अंधियारे में देखो बंधु ,
गगन में सब ओर , मोतियों का संसार चमकता है ,
हर जगह मोती ही मोती ,झिलमिलाते हैं ,
हर मानव उन्हें देख कर , मुस्कानें बिखराता है ,
तो चलो दोस्तों हम भी ,मुस्कानें बिखरा कर ,
मोती की लड़ियों की , संख्या बढ़ा देते हैं ||
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