Thursday, February 26, 2026

SAAT KII MAHIMAA ( KSHANIKAA )

 

                    सात की महिमा 

 

सात रंग आकाश में , जब मिल जाएँ  ,

तब इंद्रधनुष बन जाता है  ,

सात दिन हाथ पकड़ , जब चलते जाएँ  ,

तब एक सप्ताह बन जाता है   || 

 

संगीत के सात स्वर  , कानों में रस घोलें  ,

सरगम ये कहलाती है ,

सात कदम साथ चलते हुए , जीवन में सुख लाएँ  ,

ये सप्तपदी कहलाती है   || 

 

सात समंदर पार करने की  , तमन्ना सभी की ,

दुनिया के दूसरे छोर पर  , जाने की तमन्ना सभी की ,

सुंदर होगा सब कुछ  , जो इस जन्म में पूरी हो जाए   || 

 

साथ - साथ मिलकर जब , जन्मों जन्म बिताएँ ,

वो जन्म तो सातों जन्म  बन  जाए , 

यही तो जीवन है  जानम , जो सात जन्म का बन जाए   || 

 

 सातवें आसमान पर ही , परमात्मा रहता   ,

ये बात तो सभी हैं जानते और मानते  ,

सभी उस सातवें आसमान में जाकर  ,

उस परमात्मा से मिलना चाहते हैं   ||  

 

No comments:

Post a Comment