सात की महिमा
सात रंग आकाश में , जब मिल जाएँ ,
तब इंद्रधनुष बन जाता है ,
सात दिन हाथ पकड़ , जब चलते जाएँ ,
तब एक सप्ताह बन जाता है ||
संगीत के सात स्वर , कानों में रस घोलें ,
सरगम ये कहलाती है ,
सात कदम साथ चलते हुए , जीवन में सुख लाएँ ,
ये सप्तपदी कहलाती है ||
सात समंदर पार करने की , तमन्ना सभी की ,
दुनिया के दूसरे छोर पर , जाने की तमन्ना सभी की ,
सुंदर होगा सब कुछ , जो इस जन्म में पूरी हो जाए ||
साथ - साथ मिलकर जब , जन्मों जन्म बिताएँ ,
वो जन्म तो सातों जन्म बन जाए ,
यही तो जीवन है जानम , जो सात जन्म का बन जाए ||
सातवें आसमान पर ही , परमात्मा रहता ,
ये बात तो सभी हैं जानते और मानते ,
सभी उस सातवें आसमान में जाकर ,
उस परमात्मा से मिलना चाहते हैं ||
No comments:
Post a Comment