Wednesday, September 30, 2026

NAACHEY PAL ( PREM )


                            नाचे पल 


कुछ सुंदर से पल ,जो आज ठहर गए  ,

कुछ सुंदर से ख्वाब , जो पूरे ही हो गए   || 


साँसों से अंदर आती  , शीतल सी ये बयार  ,

अंदर ही जैसे एक , सुख - चैन पहुँचा गई  ,

यादों के दरीचे आज  , मानो खुल  ही गए  || 


चलते -रुकते से ये पैर  , मानो आज नाच उठे  ,

छन - छन बजती ये पायल  , मानो जोरों से बज उठी  ,

गीत के बोलों पर और पायल  , दोनों ही बहक गए   || 


चलो फिर शुरू कर ही लेते , हम अपना ये काम  ,

गीत , संगीत का ये संगम  , रखेगा हमारा मान  ,

ताल मिला कर ये सब  , नाचे गए , नाचे गए पल   || 


Tuesday, September 29, 2026

CHATOREY ( HAASYKAAVYA )


                           

                   चटोरे 


एक चटोरी और एक चटोरा , मिले राह में  ,

पहले पी उन्होंने चाय  , एक टपरी में  ,

फिर चले दोनों कुछ खाने , स्वाद - स्वाद में   || 


कुछ देर इधर घूमे , कुछ देर उधर घूमे  ,

थोड़ी देर में पानी - पूरी वाला दिखा  , उधर चले  ,

दोनों ने ही पानी - पूरी खाईं , खूब जम के  ,

स्वाद लिया दोनों ने  , ले के खूब चटखारे   || 


फिर दोनों को दिखा , एक कुल्फी वाला ,

दोनों दौड़े और लगे खाने  , स्वाद कुल्फी  ,

खाईं कुल्फी और , खिलखिलाते हुए वापस आए   || 


CHALO CHALEN ( JIVAN )


                  

              चलो चलें 


चलो चलें हम गाँव में दोस्तों  ,

पीपल की ठंडी छाँव में  दोस्तों  ,

नदिया की छोटी नाव में दोस्तों  ,

मँझधारों  के सामने  दोस्तों   || 


शहरों का जीवन भी क्या जीवन   ?

कंक्रीट के जंगल में ,बसा हुआ जीवन  ,

ना हरियाली , ना शीतल , मंद पवन  ,

तो कैसे लगेगा , हमारा मन दोस्तों  ?? 


तो गाँवों का सुंदर  , सादा अपनाओ  जीवन  ,

साँसों में बसा लो वहाँ की  , शीतल , मंद पवन  ,

नदिया की लहरों में  , अठखेली करता मन  ,

उसी खेल में डूब जाएगा  , मेरा मन दोस्तों   || 


Sunday, September 27, 2026

HAMARAA DIL ( PREM )



                      हमारा  दिल 


सुनहरी रश्मियों ने जब उजाला फैलाया  ,

पंछियों ने जब मीठा गान गाया  ,

हमारे दिल को उन्होंने बहलाया  ,

तो हमारा दिल उनके साथ गुनगुनाया   || 


शीतल पवन के झोंके ने जब , 

सभी तरुओं को प्यार से सहलाया  ,

उसी पवन ने सभी की साँसों को भी  ,

मुस्कुराया  , खिलखिलाया    || 


चमन में जब कलियाँ , खिलकर फूल बनीं  ,

उन्होंने अपनी खुश्बु से चमन महकाया  ,

उन्हीं खुश्बुओं ने सभी के  ,

दिलों को प्यार से धड़काया   || 


रात के अँधियारे में जब चाँद खिला  ,

उसकी चाँदनी ने सारा जग चमकाया  ,

गगन में तारों की जब , बारात आई  ,

सभी की आँखों को उन्होंने चमकाया    || 


Saturday, September 26, 2026

NIROGII KAAYAA ( PREM )


                      निरोगी काया 


निरोगी रहना जरूरी है दोस्तों  ,

क्या कहा आपने  ? क्या हर समय दवाई खाएँ  ?

क्या गोलियाँ और कैप्सूल खाने से ,

आप निरोगी रह सकते हैं  ?? 


आइए हम आपको ,निरोगी रहना सिखाते हैं  ,

नींद पूरी तरह लो , सुबह सवेरे जागो ,

खिड़की खोल कर लंबी साँसें लो  ,

स्वच्छ हवा अंदर आएगी  || 


सूर्योदय के समय की किरणें ,

आपके नेत्रों को चमक दे जाएँगी  ,

आपके शरीर में विटामिन - डी देकर ,

हड्डियाँ मजबूत बना जाएँगी   || 


हरी - सब्जियाँ , सलाद खाकर  ,

शरीर में रक्त की मात्रा और  ,

पाचन शक्ति बढ़ा सकते हैं  || 


खूब पानी पियो दोस्तों  , सुबह में सैर करो ,

जो शरीर को चुस्त , बनाने के लिए जरूरी है  ,

पंछियों के मधुर स्वर सुनाई देंगे  ,

जो दिल को सुकून से भर देंगे  || 


व्यायाम करना जरूरी है  , 

ध्यान लगाने से , दिमाग शांत रहता है ,

प्रकृति से प्रेम , जीव - जंतुओं से प्रेम ,

दिल को खुशियों से भरेगा  || 


मित्र बनाओ दोस्तों  ,

मित्रों के साथ गीत , संगीत और ,

कहकहों की महफिल सजाओ  ,

और दिल - दिमाग को खुशियाँ प्रदान करो   || 


ये सब दवाइयाँ  , जीवन के लिए जरूरी हैं दोस्तों  ,

शीशी में भरी गोलियाँ मत अपनाओ  ,

हमारी ये दवाइयाँ हमें  , निरोगी काया देंगी   || 


Friday, September 25, 2026

AGLEY BARAS ( AADHYAATMIK )


                     अगले बरस 


एक - एक करके , बीत गए सब दिन  ,

बप्पा चले गए अपने धाम  ,

माता - पिता से दूर रहे हैं , बप्पा इतने दिन  ,

बप्पा चले गए  अपने धाम   || 


दिया सभी को ,  आशीर्वाद इतने दिन  ,

दिए हैं दर्शन , बप्पा ने सबको  ,

बिता दिए हैं बप्पा ने , हमारे साथ इतने दिन  ,

बप्पा चले गए अपने धाम   || 


अगले बरस बप्पा आएँगे ,

दर्शन देंगे , बप्पा अगले बरस  ,

करेंगे हम इंतजार उनका  ,

बप्पा को बुलाएँगे , अगले बरस   ||    


Thursday, September 24, 2026

ANUBHAV ( JIVAN )


                        अनुभव 


जिंदगी सभी बिताते हैं दोस्तों  ,

जीवन के लिए , कुछ ना कुछ काम करते हैं  ,

लगातार करने   से , उस काम का अनुभव होता  है ,

अपने उस अनुभव से दोस्तों , 

वह उस कार्य में कुशल हो जाता है  || 


अगर वह अपने अनुभव को बाँटता है  ,

तो अनुभव पाने वालों को लाभ मिलता है  ,

और बाँटने वाले का अनुभव ,

सुंदर बनता चला जाता है  ,

नहीं तो वह अनुभव  दोस्तों ,

रुके हुए पानी जैसा सड़ जाता है   || 


तो अपने जीवन में , पाए  अनुभवों को ,

सभी में बाँट   दो दोस्तों  ,

खुद भी लाभ पाओ और ,

दूसरों को भी लाभ दे जाओ दोस्तों   ||