Tuesday, September 29, 2026

CHALO CHALEN ( JIVAN )


                  

              चलो चलें 


चलो चलें हम गाँव में दोस्तों  ,

पीपल की ठंडी छाँव में  दोस्तों  ,

नदिया की छोटी नाव में दोस्तों  ,

मँझधारों  के सामने  दोस्तों   || 


शहरों का जीवन भी क्या जीवन   ?

कंक्रीट के जंगल में ,बसा हुआ जीवन  ,

ना हरियाली , ना शीतल , मंद पवन  ,

तो कैसे लगेगा , हमारा मन दोस्तों  ?? 


तो गाँवों का सुंदर  , सादा अपनाओ  जीवन  ,

साँसों में बसा लो वहाँ की  , शीतल , मंद पवन  ,

नदिया की लहरों में  , अठखेली करता मन  ,

उसी खेल में डूब जाएगा  , मेरा मन दोस्तों   || 


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