तीन सहेलियाँ
तीन सहेलियाँ हैं दोस्तों , सोच , मुस्कान और चमक ,
तीनों की दोस्ती गहरी है दोस्तों ,
सब उभरीं दिल - दिमाग में ||
सोच मीठी थी , तो होठों पे मुस्कान खिली ,
आँखों में चमक जगी ||
सोच कड़वी थी , तो होठों की मुस्कान मिटी ,
आँखों की चमक खोई ||
सोच प्यार की थी , तो होठ गुनगुनाए ,
आँखों ने नृत्य किया ||
सोच तीखी सी थी , होठों ने आह भरी ,
आँखों में नमी छाई ||
सोच हास्य की थी , होंठ खिलखिलाए ,
आँखों में मस्ती छाई ||
तीनों सहेलियाँ हर रंग में ,
सुंदर लगीं दोस्तों , बहुत सुंदर लगीं ||
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