Friday, September 4, 2026

CHAANDNII ( CHANDRAMAA )


                             चाँदनी 


चाँदनी ने कहा चाँद से  ,

" तू है चाँद मेरा , मैं हूँ तेरी चाँदनी  ,

मैं तो चमकती हूँ सजना , पा के तेरी रोशनी  || 


तेरी मुस्कान से ही तो , मैं चमक जाती हूँ  ,

साथ ही दूजों को भी तो  , मैं चमका जाती हूँ  || 


रात के आँचल में , छिप गया है सारा जग  ,

मैं ही अपना आँचल देकर , जग को चमका जाती हूँ  || 


रात के अँधियारे की चादर तो , जग की मुस्कान रोक देती है ,

तो चाँदनी जगवालों के होठों पे , मुस्कान देती जाती है  || "


 मैं तो चाँद और चाँदनी , दोनों की ही दोस्त हूँ  ,

और उनकी दोस्ती में , मैं तो मस्त हूँ दोस्तों   || 

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