Thursday, September 10, 2026

DIL MEIN MAHAK ( JIVAN )


                           दिल में महक 


प्यार बाँटते चलो , प्यार बाँटते चलो  ,

मुस्कानें भर लो झोली में , सभी में बाँटते चलो  ,

रिमझिम सी बरखा आई , तो दिल बोला ,

ये रिमझिम भर लो दिल में , अँगना लो भिगोते चलो  || 


कलियाँ जब चटखीं , फूल खिले , तो उनकी महक से ,

सारे जहां को , महकाते चलो दोस्तों   || 


मुस्कानों के बाँटने से , सभी तो मुस्काए  ,

रिमझिम बरखा से तो दोस्तों , समंदर लहराए  ,

लहरें उनकी नाचीं  , समंदर मुस्काए  ,

फूलों की महक से तो , चमन सारे महके  ,

जहां महका और  , दिल में महक समाए  || 


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