Wednesday, September 2, 2026

CHITRAKAARII ( JALAD AA )


                      चित्रकारी  


बदरा लाए इतना पानी , क्या सागर खाली किया  ?

झम - झम पानी बरसाया , तुमने हर पार्क , हर गली ,

क्या तुम थकते नहीं बदरा , इतना पानी लाते  ?

पानी भरते , उठाते , लाते और बरसाते , थके या नहीं  ?? 


गगना में हवा ने झुलाया , दामिनी ने चमकाया ,

तुमने रिमझिम जल बरसाया  ,

तो धरा पे हरियाली छाई  , मानो धरा मुस्कुराई  ,

जगवासियों ने मुस्कानें फैलाईं   || 


रवि किरणों ने बदरा पे , अपना जाल बिछाया ,

अलग - अलग रंगों से , चित्रकारी को सजाया  ,

रिमझिम के कुछ समय बाद ,

गगना में इंद्रधनुष मुस्कुराया   || 

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