कान्हा
कान्हा , ओ कान्हा आओ ना ,
बंसी मधुर बजाओ ना ,
सब बंसी की तान को तरसें ,
उनको तान सुनाओ ना ||
नंद गाँव में तो कान्हा ,
माँ यशोदा बाट जोहतीं ,
सारी की सारी वहाँ गोपियाँ ,
जुड़कर तुम्हारी राहें तकतीं ,
उन समझो दर्शन दे जाओ ना ||
मधुबन में राधा रानी पुकारे ,
कब आओगे कान्हा हमारे ?
राधा की पुकार तो सुनलो कान्हा ,
दौड़ के मधुबन में आओ ना ,
मीठी तान सुनाओ ना ,
बरसों बीते आ जाओ ना ||
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