Friday, September 11, 2026

DHEERE - DHEERE ( PREM )

                             धीरे - धीरे 


बदलोगे जो खुद को , तो रंग जमा लोगे  ,
जहां की मुसीबतों से , पीछा छुड़ा लोगे  ,
कोई कुछ भी बोले बंद तुम , कान कर लोगे ,
अपने दिल की बातें दिल में ,ही छुपा लोगे    || 


दुनिया वालों का तो काम है , कुछ भी कहना ,
तब अपने कानों में तुम , थोड़ी सी रुई रखना  ,
फिर मजे से तुम दोस्तों , मुस्कुराते रहना ,
तभी तो तुम मजे से , जीवन बिता लोगे   || 


दोस्तों ये जिंदगी तुम्हारी है  , मत भूलो यह बात  ,
दिन के बाद आती है  , हमेशा रात  ,
चैन की नींद सो जाओगे  , बीतेगी  रात  ,
सुबह को उठो तो खूब  ,  खिलखिला लोगे   || 


बगीचे की घास  पर चलो  , नंगे पैर धीरे - धीरे  ,
मानो चल रहे हो तुम ,नदिया के तीरे ,
समेटो  फूलों की महक अपनी  , साँसों में धीरे - धीरे  ,
फूलों पे जमी ओस की बूँदें , होठों पे तुम समेट लोगे   || 

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