Tuesday, September 15, 2026

SAPNEY ( JIVAN )


                          सपने 


सपने हैं सपने , बिल्कुल ही अपने  ,
नींद में ही होठों पर , लाते मुस्कानें  ,
नहीं कोई मेहनत , करवाते सपने  ,
दिन में भी , सोच - सोच लाते मुस्कानें   || 


गुपचुप - गुपचुप , आते हैं सपने  ,
बिना कीमत हम , पाते हैं सपने  ,
बिना किराया दिए , जाते हैं घूमने  ,
नई - नई जगहों को देखने ,
नए - नए लोगों से मिलने   || 


बिना संदेसे आते ,  हमारे सपने  ,
हमारे दोस्तों को , साथ में लाते सपने  ,
हँसी खूब बरसाते हैं सपने  ,
झर - झर - झर , झरवाते  झरने  ,
देखा कितने , मीठे - मीठे हैं सपने  ?
पलकों में बस जाते हैं सपने   || 

No comments:

Post a Comment