Monday, September 14, 2026

ANKHIYAN ( PREM )


                                अँखियाँ 


अँखियों री अँखियों , मेरी प्यारी सखियों  ,

सारी दुनिया तुम ही दिखातीं  ,

सभी रंगों का अहसास दिलातीं  || 


नींद आने पर , रात्रि के पहर में ,

तुम तो बंद हो जातीं   ,

मगर रात भर तुम मुझको  ,

सुंदर स्वप्न दिखाती जातीं  || 


स्वप्न दिखाते - दिखाते तुम  ,

सारी दुनिया की सैर करातीं  ,

जो जगहें हमने ना देखी हों  ,

उनकी भी तुम तो सैर करातीं   || 


प्यारी सखियों , मेरी अँखियों  , 

जीवन के आकाश में तुम , 

इंद्रधनुष भी सजा जातीं  ,

वह इंद्रधनुष , जिससे तुम , 

हमें क्या ,आकाश को भी रंग जातीं    ?? 


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