मीठे - शब्द
पठन - पाठन है जरूरी ,
सुनना - सुनाना भी जरूरी ,
बोलना शुरु कर दो दोस्तों ,
जो तुम पढ़ोगे , सुनाओगे सब को ,
कोई पसंद करेगा , कोई नापसंद दोस्तों ||
अपनी सोच का लेखन , शुरु करो दोस्तों ,
लेखन को जब , दूजों को सुनाओगे ,
अपनी लेखनी से निकले शब्दों को ,
विस्तार से समझाओगे दोस्तों ||
अगर मीठे शब्द उकेरोगे कागज पर ,
तो तुम तालियाँ बहुत पाओगे ,
अन्यथा तो तुम , उदासियों में डूब जाओगे ,
और तुम्हारे शब्द भी , उदास हो जाएँगे दोस्तों ||
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