Saturday, January 31, 2026

BINAA PANKH ( PAVAN )

 

                       बिना पंख   

 

हुई है दीवानी , ये पवना सखि  ,

संग ले उड़ी , मेरा अंचरा सखि  || 

 

कोई ना रंग है , इसका सखि ,

देती ये पूरा , अहसास है सखि  ,

पकड़ में कभी ये , ना आती सखि  || 

 

बिना पंखों के ही , ये उड़ती सखि ,

सब को ये देती , शीतलता सखि  ,

प्यार हम इसको ,करते हैं सखि   || 

 

कीमत ना जाने कोई  , इसकी सखि  ,

साँसों से देती , ये जीवन सखि  ,

साँसें तो सब की  , अनमोल हैं सखि   ||  

 

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