Wednesday, January 14, 2026

TOL - MOL KAR ( KSHANIKAA )

 

                            तोल - मोल कर 

 

जुबान से निकले शब्द ही , रिश्ते जोड़ते हैं दोस्तों  ,

जुबान से निकले शब्द ही , रिश्ते तोड़ते हैं दोस्तों  ,

द्रौपदी स्वयंवर के समय , द्रौपदी के कहे शब्द  ,

कर्ण के लिए ," सूत पुत्र से शादी नहीं करूँगी  ",

कर्ण के दिल को ,टुकड़े - टुकड़े कर दिया   || 

 

इंद्रप्रस्थ में युधिष्ठिर के , राज्याभिषेक के समय  ,

दुर्योधन के पानी में गिरने पर , द्रौपदी का व्यंग्य ,

" अंधे का पुत्र अंधा  ", ने महाभारत की नींव रखी  ,

बिना सोचे बोले  गए शब्द , जब युद्ध की नींव रखते हैं  ,

तो रिश्ते क्या चीज हैं  ?  वो तो टूट ही जाते हैं   || 

 

तो दोस्तों सोच - समझ कर बोलो ,

तोल - मोल कर बोलो  ,

यही जीवन है  , इसे सुंदर बना लो  ,

यही जीवन है  , इसे सुगम बना लो   ||  

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