कहाँ हो ?
आवाज दे के हमें तुम बताओ , कहाँ हो दोस्तों ?
हमें तुम अपना पता तो बताओ , कहाँ हो दोस्तों ??
दूर हम हो गए थे , बरसों - बरस पहले ,
आवाजें भी खो गईं थीं , एक - दूसरे की पहले ,
अब अपनी पुकार तो लगाओ , कहाँ हो दोस्तों ??
बातों का खजाना , बढ़ता रहा है अब तो ,
खाली कुछ करो तो , मिल के बातें करो तो ,
थोड़ा खजाना तो खाली कराओ , कहाँ हो दोस्तों ??
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