चरणों में
जिंदगी में हर किसी ने , सताया जो दोस्तों ,
तो आँसुओं का सैलाब , उमड़ आया दोस्तों ,
दिल के हौसलों ने , उम्मीदों को जगाया दोस्तों ,
तभी तो आँसू का एक , कतरा भी नहीं बहाया दोस्तों ||
माँ शारदे ने लेखनी को , हमारे हाथ में थमाया है दोस्तों ,
शब्दों का भंडार हमारे , अंदर बसाया है दोस्तों ,
हमने उन्हीं शब्दों का उपयोग करके ,
अपने लेखन को सजाया है दोस्तों ||
माँ शारदे ने हम पर , आशीष बरसाया है ,
उसे हमने अपना , आँचल फैला कर अपनाया है ,
तभी तो हमने शारदे माँ के ,
चरणों में ही यह , स्थान पाया है दोस्तों ||
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