Saturday, January 24, 2026

KHELON MEIN SAMAY ( JIVAN )

 

                        खेलों का समय 

 

 हमारा बचपन आज भी , हमारे दिल में पलता है यारों ,

वो हमारे दोस्त , उनके कहकहे , उछलना - कूदना  ,

दौड़ लगाकर सबसे आगे , निकलने का उछाह ,

आज भी दिल को  , धड़कनें देता है यारों   || 

 

छुपन - छुपाई खेलते हुए  , सब छिप जाते ,

पर शैतानी में हम तो , डैन होने पर , आराम से घर जाते ,

सभी दोस्त काफी देर तक , छिपने के बाद हमें ढूँढते ,

और मिलने के बाद  , खूब ठहाके लगाते यारों   || 

 

जीवन मस्त था , खुशियों में डूबा था  ,

वही तो सच्चा जीवन था , सुंदर जीवन था  ,

आज वैसा जीवन तो नहीं  , मगर मुस्कानों में डूबा है  ,

यही आज  का  जीवन है  ,  जो सुंदर और मनमोहक है   || 

 

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