Tuesday, November 3, 2026

THIRAKANEY DO ( PREM )


                 थिरकने दो 


जिंदगी की राहें , कभी फूलों भरी मिलती हैं  ,

और कभी यही राहें  , काँटों भरी मिलती हैं  ,

दोनों पर हमने ही , कदम बढ़ाने हैं दोस्तों   || 


कभी दिल मुस्कानों में  , डूबा रहता है  ,

और कभी यही दिल  , उदासी में डूबा रहता है  ,

दोनों ही समय यह दिल  , धड़कता ही है दोस्तों   || 


कभी होठों पर नगमें  , मचलते हैं   ,

कभी पैर अपने आप ही , थिरकते हैं   ,

इन दोनों समय पर  , हम नाच उठते ,

और गुनगुना उठते हैं  दोस्तों   ||  


ये गीत मेरे दिल की , धड़कन है दोस्तों  ,

ये शब्द मेरे दिल की  , आवाज हैं दोस्तों   ,

तो दोस्तों मेरे होठों को  , मुस्कुराने दो  ,

मेरे पैरों को   ,  थिरकने  दो दोस्तों   ||  


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