Wednesday, August 9, 2023

PYAARAA MAUSAM ( GEET )

 

                         प्यारा मौसम 


चारों ओर हरियाली छायी ,

कलियाँ खिलकर फूल बनीं ,

खुश्बुओं से बगिया महकी ,

तितलियाँ चहुँ ओर उड़ीं ,

मौसम प्यारा - प्यारा है | 


गगना में बदरा छाए ,

पवन उन्हें चहुँ ओर उड़ाए ,

रिमझिम बरखा बरसी जाए ,

ताल - तलैया जल भर जाए ,

मौसम न्यारा - न्यारा  है | 


ऐसे मौसम में तुम सब आओ ,

खेल - खेल में हँसते जाओ ,

तुम मुझको पकड़ो तो जानूँ ,

मेरे हाथ में तुम आओ ,

मौसम प्यारा - प्यारा है | 


Tuesday, August 8, 2023

DARSHAN ( AADHYATMIK )

 

                             दर्शन 


नींद में डूबकर देखे गए ,सपने सच नहीं होते ,

जागती आँखों से देखे गए ,सपने सच हो सकते हैं ,

हमारी कोशिशों से ,हमारी मेहनत से ,

अनथक प्रयासों से | 


जीवन की राहें आसान ही होती हैं ,

कदम बढ़कर तो देखिए ,

मंजिलें कदमों के नीचे आएँगी ,

सीढ़ियाँ चढ़ने की कोशिशें तो करके देखिए ,

सब कुछ सच होगा ,कोशिशें , मेहनत और प्रयासों से | 


राहों में दोस्त भी साथ देंगे ,

जरा पुकार कर तो देखिए ,

ईश्वर आपके दिल में है ,

जरा सिर झुकाकर दर्शन तो कीजिए ,

हरदम वह आपके साथ है ,

हरदम वह आपके साथ है | 


Monday, August 7, 2023

BHRAMJAAL ( KSHANIKA )

 

                                    भ्रमजाल 


जीवन में जो उलझन उपजी हैं ,कैसे कोई सुलझाए ? 

उन्हीं उलझनों की गाठें ,और उलझती जाएँ | 


उलझन कोई नहीं  सादी ,भ्रमजाल फैलता जाए ,

अंतर्मन इन सब में दोस्तों ,और उलझता जाए | 


क्या कोई साथी ,क्या कोई दोस्त ,कोई तो राह बताए ?

जिससे ये भ्रमजाल और उलझन ,आप ही सुलझते जाएँ | 


क्या हम हैं ,क्या जीवन अपना , कुछ भी समझ ना आए ? 

जो अपना है ,वही है सुंदर ,यह सोच सब भ्रम को मिटाए | 


Sunday, August 6, 2023

SHABD SNEH KE ( PREM )

 

              शब्द स्नेह के 


स्नेह के कुछ शब्द ,जो उसने कहे नहीं ,

उन अनकहे शब्दों को ,जो ज़ुबां मिल जाती ,

तो कानों में रस टपकता ,

और दिल की कली खिल जाती | 


प्रेम के कुछ धागे ,जो उसने बुने नहीं ,

उन धागों को बुन लेने से ,

अपना आशियाना सज जाता ,

चमन फूलों से भर जाता | 


आज भी जो वो बोल दे ,

उन शब्दों को जुबां दे दे ,

तो जीवन महक जाएगा,

प्यारा और सुंदर सा  इंद्रधनुष भी छा जाएगा  | 


 

         

 

 

 

 

 

 

MUSKURAAIE ( KSHANIKA )

 

                         मुस्कुराइए 


ख़ुशी हो या ग़म ,होठों पे मुस्कान सजाए रखिए ,

कोई साथ दे या ना दे ,

आशा और विश्वास बनाए रखिए | 


आशा और विश्वास के पलड़े में ,पहले खुद को तोलिए ,

तभी दूसरों को उस पलड़े में ,

बिठाने की हिम्मत कीजिए | 


यदि दूसरा कोई खरा ना उतरे ,तो क्रोध ना कीजिए ,

क्रोध एक जहर है ,तो इससे उत्पन्न ,

जहर को समाप्त कीजिए ,

इसलिए मुस्कुराइए ,मुस्कुराइए और मुस्कुराइए  | 

Saturday, August 5, 2023

TAPARI MEIN ( CHANDRAMA )

 

                                 टपरी में 


रिमझिम बरखा बरसी है ,चंदा आजा छतरी में ,

तू क्यों भीगे बरखा में , चंदा आजा छतरी में ? 


भीगेगा जो तू चंदा , बीमार तू पड़ जाएगा ,

भीगेगा जो तू चंदा ,जुकाम तुझे हो जाएगा ,

बच जा तू इस झंझट से ,चंदा आजा छतरी में | 


बरखा का पानी ठंडा ,सर्दी तुझे लग जाएगी ,

तेज - तेज सी बरखा ये ,तुझे नुकसान पहुँचाएगी ,

बच जा तू इस हानि से ,चंदा आजा छतरी में | 


आजा गर्म चाय तू   पी ,सर्दी दूर हो जाएगी ,

कड़क चाय की एक प्याली ,स्वास्थ्य तुझे दिलवाएगी ,

इसीलिए तो कहती हूँ ,आजा तू मेरी टपरी में ,

आजा तू मेरी छतरी में ,आजा तू मेरी टपरी में | 


Wednesday, August 2, 2023

MAANSOON ( JALAD AA )

 

                             मानसून 


गर्मी बीती आया नया मौसम ,नभ में छाए कारे बदरा ,

रिमझिम - रिमझिम बरखा बरसी ,

ताल - तलैया में तो जल भरा | 


भीगा -भीगा मौसम है ,नाम है इसका मानसून ,

इस मौसम  मत मानो किसी की ,

और ना किसी की बात सुन | 


 इस मौसम में दोस्त ,बरखा में तू झूम ,

ले इस बरखा का आनंद ,

और अपने दिल की सुन | 


बरखा  बरसेगी चहुँ ओर ,बदरा मुस्काएगा नभ में ,

दिल  तेरा डूबेगा आनंद में ,

और दिल में मचेगी धूम  |