Friday, October 2, 2026

DOST SAAGAR ( RATNAAKAR )


                         दोस्त सागर  


कभी तो सागर तू , आजा मेरी कुटिया में ,

जिंदगी खिल जाएगी तेरी , मेरी कुटिया में   || 


करोड़ों बरसों से सागर , ना सोया तू एक पल ,

आज आजा सो जा सागर  , तू मेरी कुटिया में   || 


क्यों करता इतना काम , कुछ तो कर ले  आराम  ,

आजा कर ले तू आराम , मेरी कुटिया में  || 


तेरी तो लहरें सागर , करतीं हैं अठखेली  ,

दिखला उनकी अठखेली  , तू मेरी कुटिया में  || 


तेरे घरवाले जो , पसंद करेंगे खाना ,

मैं वही खिलाऊँगी उनको  , मेरी  कुटिया में   || 


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