दोस्त सागर
कभी तो सागर तू , आजा मेरी कुटिया में ,
जिंदगी खिल जाएगी तेरी , मेरी कुटिया में ||
करोड़ों बरसों से सागर , ना सोया तू एक पल ,
आज आजा सो जा सागर , तू मेरी कुटिया में ||
क्यों करता इतना काम , कुछ तो कर ले आराम ,
आजा कर ले तू आराम , मेरी कुटिया में ||
तेरी तो लहरें सागर , करतीं हैं अठखेली ,
दिखला उनकी अठखेली , तू मेरी कुटिया में ||
तेरे घरवाले जो , पसंद करेंगे खाना ,
मैं वही खिलाऊँगी उनको , मेरी कुटिया में ||
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