Wednesday, October 28, 2026

SHIKSHAK AUR GURU ( JIVAN )


                    शिक्षक और गुरु 


जब हम छोटे बच्चे थे  , विद्यालय गए  ,

वहाँ कुछ शिक्षक थे दोस्तों  , कुछ गुरु थे  ,

दोनों का सिखाने  का , ज्ञान देने का ,

तरीका अलग था ,   शिक्षक पुस्तकें पढ़ाते थे  ,

मगर गुरु जीवन के चारों तरफ के  ,

ज्ञान को समझाते थे  || 


गुरु के शब्द हमारे , दिल और दिमाग तक ,

पहुँचते थे  , हमारे ज्ञान को आगे बढ़ाते थे  ,

गुरु हमें ज्ञान देने के साथ ,

अपनी मुस्कान भी बिखराते थे , 

जिससे हमें उनके , प्यार का आभास होता था  ,

और हमें सब कुछ ,अच्छी प्रकार से ,

समझ आता था   || 


उन्हीं गुरुओं को हमारा नमन है  ,

नमन है ,  नमन है  , नमन है  || 

 

No comments:

Post a Comment