शिक्षक और गुरु
जब हम छोटे बच्चे थे , विद्यालय गए ,
वहाँ कुछ शिक्षक थे दोस्तों , कुछ गुरु थे ,
दोनों का सिखाने का , ज्ञान देने का ,
तरीका अलग था , शिक्षक पुस्तकें पढ़ाते थे ,
मगर गुरु जीवन के चारों तरफ के ,
ज्ञान को समझाते थे ||
गुरु के शब्द हमारे , दिल और दिमाग तक ,
पहुँचते थे , हमारे ज्ञान को आगे बढ़ाते थे ,
गुरु हमें ज्ञान देने के साथ ,
अपनी मुस्कान भी बिखराते थे ,
जिससे हमें उनके , प्यार का आभास होता था ,
और हमें सब कुछ ,अच्छी प्रकार से ,
समझ आता था ||
उन्हीं गुरुओं को हमारा नमन है ,
नमन है , नमन है , नमन है ||
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