Monday, October 26, 2026

NAAM ANEK ( JIVAN )


                       नाम  अनेक 


पहली बार पाठशाला गए हम ,जो घर के पास थी  ,

एक ही गुरु जी , अलग - अलग कक्षा के बच्चे थे  || 


बहुत खुशी के साथ , हम गए पाठशाला  ,

मगर मन में एक विचार था  , सबसे अलग ,

अगर अपना नाम बदलें हम  || 


माँ ने लिखाया , मिथलेश हमारा नाम  ,

दो दिन में हमारे बाबूजी , मिलने गए गुरु जी से ,

हमने बाबूजी से कहा , हमारा नाम बदलो  ,

क्या लिखवाऊँ  बोलो , हम बोले - ममता  || 


बाबूजी ने ममता नाम लिखवाया  ,

हँसे गुरु जी और नाम बदल गया ,

तीन दिन बाद हमने , पकड़ा बाबूजी का हाथ  , 

गए पाठशाला और ममता से , उषा नाम कराया  ,

गुरुजी  और बाबूजी दोनों हँस दिए  || 


उसके बाद तो  हमने चुने , नए - नए नाम अपने लिए ,

सरोज ,सुषमा ,मधु ,दीपा ,गीता ,बीना , मीता ,

सभी नाम बदलवाए , मगर दोस्तों ये तो  ,

बाद में पता चला , वो सभी  नाम तो ,

जुबानी बदले गए थे  , गुरुजी और बाबूजी ,

दो दिन एक नाम से बुलाते और , नाम बदल जाता   || 


दोस्तों यह सब सोच कर तो ,

आज भी हम हँस देते हैं  ,

अपनी इस सोच पर , नाम बदलवाने की   || 









 








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