सच्चा रोल
जब ना समझे तुम , दूजों की भावना ,
तो कैसे चाहते हो , मुस्कानों की कामना ?
मुस्कान तो आती है , जब हो सत्य की भावना ,
समझ लो दोस्तों तुम , दूजों की भावना ||
कीमत तो दूजों की भावना की , होती अनमोल ,
समझो उस कीमत को , चुका दो तुम मोल ,
निभा लो उस भावना को , निभा लो अपना रोल ,
जो दिया ईश्वर ने , तुम्हें है रोल ||
अपनी भावना समझा लो , समझो दूजों की भावना ,
ना करो कभी किसी की , तुम अवमानना ,
थाम कर हाथ दोस्तों का , आगे बढ़ चलो ,
तभी तो निभा पाओगे , तुम सच्चा रोल ,
ईश्वर का दिया रोल , सच्चा रोल , सच्चा रोल ||
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