Tuesday, October 20, 2026

SOCH ( JIVAN )


                         सोच 


सोच - सोच के जो चले  , हर सोच है अलग  ,

एक सोच मुस्कान की , दूजी सोच है उदास  ,

कौन सी सोच अपनाओगे  दोस्तों   ?? 


दिल जो सोचे  , उससे उमड़े मुस्कान  ,

दिमाग की सोच तो  , है तर्क की खान  ,

 किस से तुम सोचोगे दोस्तों    ?? 


राह पकड़ लो सोच कर , जो चमन को जाए  ,

मिलेंगे फूल वहाँ पर  ,जो महक फैलाएँ   ,

किस तरह चुनोगे  ,राह तुम दोस्तों    ?? 


पहुँचोगे गर चमन में  , तुम फूलों के बीच  ,

महकेंगी साँसें वहाँ , जब रुकोगे फूलों के बीच  ,

सोचो जग को कैसे  , महकाओगे दोस्तों   ?? 



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