Monday, October 5, 2026

SAATHII MEREY ( JIVAN )


                    साथी मेरे 


हर पल नहीं एक जैसा होता  , साथी मेरे  ,

कोई पल खुशी में डूबा होता , साथी मेरे  ,

और कोई पल गम दे जाता , साथी मेरे  ,

मगर रुकता नहीं है कोई भी पल  , साथी मेरे   || 


बीतता चला जाता है हर पल  , साथी मेरे   ,

तो थोड़ा भी गमगीन ना  हो  , साथी मेरे   ,

मुस्कानों के साथ चलते चलो  , साथी मेरे  ,

जीवन सुंदरता से भर जाएगा  , साथी मेरे   || 


दिन बीत जाता है , रात बीत जाती है  ,

जिंदगी ऐसे ही , बीतती चली जाती है  ,

दुनिया के साथ - साथ  , ईश्वर का समय भी ,

बीतता चला जाता है  , साथी मेरे    || 


ईश्वर भी बालपन बिताते हैं  ,

बड़े होते जाते हैं  , मित्रता निभाते हैं  ,

समय को तो , ईश्वर भी ना रोक पाते हैं  ,

तो चलो हम भी समय बिताएँ  , साथी मेरे   || 




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