Saturday, October 10, 2026

MAHAKTIN MUSKANEN ( PREM )


                  महकतीं मुस्कानें  


मुस्कान जो चमकेगी , सारा जग मुस्काएगा  ,

कलियाँ जब चटखेंगी ,सारा चमन रंगों  से भर जाएगा  ,

फूलों के खिलने से तो  , सारा जहां महक जाएगा   || 


अब खिलाओ मुस्कानें , जहां को महका दो  ,

दोस्तों यही तो रास्ता है सुंदर  , इसी पर चल दो  ,

चलते - चलते हुए दोस्तों  , मंजिल को पा  लो  || 


रंगों भरी इस दुनिया में  , इंद्रधनुष सजा दो  ,

नीचे चमन सजेगा  , आकाश में इंद्रधनुष  ,

इस सबसे दोस्तों  , आँखों में चमक जगा दो   || 


अब देखो दोस्तों  , ये महका रंगीन जहां  ,

कैसा रंग बिखराएगा  , प्यार उगाएगा  ? 

ये प्यार ही  तो  , इस जग को सुंदर बनाएगा   || 


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