महकतीं मुस्कानें
मुस्कान जो चमकेगी , सारा जग मुस्काएगा ,
कलियाँ जब चटखेंगी ,सारा चमन रंगों से भर जाएगा ,
फूलों के खिलने से तो , सारा जहां महक जाएगा ||
अब खिलाओ मुस्कानें , जहां को महका दो ,
दोस्तों यही तो रास्ता है सुंदर , इसी पर चल दो ,
चलते - चलते हुए दोस्तों , मंजिल को पा लो ||
रंगों भरी इस दुनिया में , इंद्रधनुष सजा दो ,
नीचे चमन सजेगा , आकाश में इंद्रधनुष ,
इस सबसे दोस्तों , आँखों में चमक जगा दो ||
अब देखो दोस्तों , ये महका रंगीन जहां ,
कैसा रंग बिखराएगा , प्यार उगाएगा ?
ये प्यार ही तो , इस जग को सुंदर बनाएगा ||
No comments:
Post a Comment