Monday, February 23, 2026

ICHCHHAA - SHAKTI ( KSHANIKAA )

 

                        इच्छा - शक्ति 

 

घड़ी के पैर नहीं होते  , फिर भी चलती जाती हैं  ,

ना खुद रुकती है , ना किसी को रुकने देती है  ,

जीवन भी उसी की रफ्तार से ,चलता रहता है   || 

 

जीवन के चलने के साथ ही  ,

भाव बढ़ते हैं  , आशाएँ बढ़ती हैं  ,

मगर बताओ दोस्तों  , क्या भरोसा बढ़ता है   ?

यही भरोसा तो , जीवन का आधार है  ,

इसी से जीवन  , अपनी रफ्तार से आगे बढ़ता है  || 

 

वैसे घड़ी तो बैटरी से चलती है  ,

मगर जीवन साँसों से , और सपनों से चलता है  ,

साँसें चलेंगी , तो जीवन चलेगा  ,

सपने पलेंगे , तो जीवन पलेगा ,

तो चलाइए जीवन को , मनचाही राह पर  ,

कीजिए अपने सपने पूरे  , अपनी इच्छा - शक्ति से  ,

तभी तो जीवन सुंदर होगा  दोस्तों   || 

 

Sunday, February 22, 2026

GUNN FOOLON KE ( KSHANIKAA )

 

                        गुण फूलों के 

 

जिंदगी फूलों की लड़ी है यारों  , 

इसको मुस्कानों से सजा लो यारों ,

फूलों के संग काँटे भी तो होते हैं  ,

उनसे खुद को तो बचा लो यारों   || 

 

फूलों के रंग सुंदर से होते हैं  ,

यही जीवन को रंगीन बना सकते हैं  ,

फूलों से  रंग माँग कर  ,

जीवन को उन रंगों से , खूब सजा लो यारों   || 

 

फूलों की महक बहुत दिलकश होती है  ,

सारे जग को ये तो महका देती है  ,

उसी महक को अपनी साँसों में भर कर  ,

अपने जीवन को उसी से महका लो यारों   ||  

Saturday, February 21, 2026

MAHAK BAGIYAA KII ( KSHANIKAA )

 

                         महक बगिया की 

 

ये धरा एक बगिया है दोस्तों  ,फूल खिले हैं बहुत से ,

कुछ महक फैलाते  हैं दोस्तों  ,कुछ रंग बिखराते हैं  ,

तितलियाँ फर - फर उड़ती हैं  , बच्चे खूब दौड़ते हैं  ,

पकड़ने को तितलियों के  , पीछे - पीछे दौड़ते हैं   || 

 

अनेक जीव - जंतु बसते हैं यहाँ  , धरती के आँचल  में ,

मानव इस बगिया का  , मालिक बनना चाहता है  ,

इस चाहत को पाने को  , वह बगिया उजाड़ता  जाता है ,

रचनाकार है बगिया का मालिक  ,सब कुछ सुंदर बनाता है   || 

 

तुम भी ये बगिया महका लो दोस्तों  , बना लो उसको सुंदर ,

बगिया में बिखरेंगे रंग , वो तुम को भी रंग जाएँगे दोस्तों  ,

बगिया जो महकेगी दोस्तों  , तुम भी तो महकते जाओगे  ,

रचनाकार भी देख के बगिया  ,आँचल तुम्हारा  भर देगा ,  

तो अपना आँचल भर लो  ,  बगिया को महका लो  ,

रचनाकार के प्यार को  समेट लो दोस्तों   ||   

 

Friday, February 20, 2026

IISH - ICHCHHAA ( AADHYAATMIK )

 

                         ईश - इच्छा 

 

जिसका भरोसा टूटा इस जहां में  ,

वह खुद ही टूट गया  ,

जिसे धोखा मिला इस जहां में ,

वह धोखे में डूब गया , लूटा गया उसको  ,

दुनिया रंग - बिरंगी है दोस्तों   || 

 

हर कीमत , हर पग  पर , चुकाते आए हैं दोस्तों  ,

आगे क्या होता है  ? यह तो ईश्वर ही जाने  ,

उसी का भरोसा है  हमको  ,हम जानते हैं  ,

ईश्वर हमारा भरोसा कभी नहीं तोड़ेंगे   || 

 

हम कुछ भी माँगें , या ना माँगें ,

हम जानते हैं , ईश्वर हमें वह सब जरूर देंगे  ,

जो हमारे भाग्य में लिखा है  ,

और जो कुछ हमारे लिए अच्छा है   || 

 

हे ईश्वर हमें ही नहीं , पूरे विश्व को ,

कुछ ऐसा ही देना  , जो उनके लिए अच्छा है  ,

हम पर भी उन्हीं के साथ रखना  ,

अपनी कृपा बनाए रखना ईश    || 

  

Thursday, February 19, 2026

SAJAA LO DOSTON ( KSHANIKAA )

 

                         सजा लो  दोस्तों 

 

अँधियारा घिरा है अगर  , 

निकल कर उजियारों में आओ दोस्तों ,

अज्ञानता अगर राहें रोकती हैं , 

मुड़कर ज्ञान पथ पर आओ दोस्तों  ,

ये जहां रंगों से इंद्रधनुष सजा लो दोस्तों   || 

 

प्यार से दुनिया सुंदर बनी  हुई है  ,

आप भी प्यार को अपना लो दोस्तों  ,

रिश्तों से जीवन सुंदर लगने लगता है  ,

रिश्तों से जीवन सजा लो दोस्तों  ,

दोस्ती  का दूसरा नाम ही जीवन है  ,

इसी जीवन को अपना लो दोस्तों   || 

 

मुस्कान चेहरे पर सबसे सुंदर मेकअप है ,

होठों पर इसे सजा लो दोस्तों  ,

मुस्कान बाँटोगे तो बदले में मुस्कान मिलेगी ,

बाँटो इसे खूब दोस्तों  ,

सूरज की कुछ रश्मियों को समेट कर ,

आँखों की चमक को बढ़ा लो दोस्तों  || 

 

बीते कल को भूल कर ,

आगे आने वाले कल में कदम रख लो दोस्तों  ,

बीत गया सो बीत गया , 

आगे की चिंता भी मत करो दोस्तों  ,

भूत ,भविष्य दोनों अपने हाथ में नहीं  ,

सिर्फ आज है , उसमें तो मुस्कुरा लो दोस्तों   || 

 

Wednesday, February 18, 2026

KRODH ( KSHANIKAA )

 

                              क्रोध 

 

बहुत से भावों में ,  एक भाव है क्रोध  ,

 उसे दूर ही रहने दो यारों  , पास ना लाओ  ,

दिल - दिमाग में प्यार को बसा लो  ,

 ना बसाओ क्रोध  ,अगर क्रोध को बसाओगे तो  , 

मंजिल के रास्ते में आएगा क्रोध  यारों    || 

 

कभी - कभी सभी को , किसी बात पर आता है क्रोध ,

उस समय मौन व्रत रख लो दोस्तों  , 

मत बताओ अपने राज , कोई निर्णय ना लो  ,

उस समय दोस्तों  , हो सके तो संगीत सुनो , 

प्यार के गीत गुनगुनाओ यारों    || 

 

संगीत एक सुंदर और प्यारा रास्ता है  ,

जो क्रोध को खत्म कर सकता है दोस्तों  ,

क्रोध खत्म हुआ तो ,दिल शांत होगा  ,

और दिल में उगेंगे  , प्यार  के नगमें  ,

होठों पर उभरेंगी  , मनमोहक मुस्कान दोस्तों    || 

 

Tuesday, February 17, 2026

PYAAR KAA SAAGAR ( KSHANIKAA )

 

                          प्यार का सागर 

 

हौसलों को पकड़ कर रखो दोस्तों  ,

यही तो जीवन भर साथ निभाएँगे  ,

भाग्य के सहारे , बैठे ना रहना दोस्तों  , 

तुम हाथ मलते ही रह जाओगे   || 

 

मेहनत ही तुम्हारा हथियार है दोस्तों  ,

उसी को अपनी ताकत बना लो दोस्तों  ,

तभी तुम अपना जीवन संवार  पाओगे   ,

और अपने जीवन में मुस्कानें भर पाओगे    || 

 

मुस्कानें तुम्हारे जीवन में , उजाला कर देंगी  ,

तुम्हारे दिल  की चाहतों  को बढ़ा देंगी  ,

तभी तो तुम प्यार को समझ पाओगे  ,

और प्यार के सागर में डूब जाओगे   || 

 

Monday, February 16, 2026

JIVAN APNAA HAI ( KSHANIKAA )

 

                                 जीवन अपना है 

 

सारी मुस्कानें बाँट ना देना दोस्तों , कुछ देना अपने दिल को ,

प्यार भी सारा बाँट ना देना दोस्तों , कुछ देना अपने दिल को  ,

ये बँटवारा जरूरी है दोस्तों  , अपना हिस्सा भी रख लो  ,

नहीं तो अपना खजाना  , खाली रह जाएगा दोस्तों   || 

 

सब कुछ बाँटोगे तो कोई भी  , नहीं आएगा देने  ,

नैया जो डूबेगी तुम्हारी  , कोई नहीं आएगा खेने  ,

कैसे तुम पाओगे अपने  , जीवन की मंजिल   ?? 

 

जीवन अपना सुखी बना लो  , प्यार के बोलों से  ,

जीवन अपना रंगीन बना लो  ,मुस्कानों के फूलों से  ,

 जीवन  का  आकाश सजा लो  , इंद्रधनुष के रंगों से  ,

ये जीवन अपना है दोस्तों  , ये जीवन अपना है दोस्तों    || 

 

Sunday, February 15, 2026

BESHUMAAR ( KSHANIKAA )

 

                                    बेशुमार 

 

मैं हूँ धरा तुम्हारी  , तुम हो मेरा आसमां  ,

बहुत खूबसूरत है दोस्तों  , हमारा ये जहां  ,

प्यार ही पलता  है दोस्तों  , बेशुमार यहां  ||  

 

मुस्कानें खिलती हैं , हर ओर दोस्तों  ,

जिंदगी मिलती है  , हर ओर दोस्तों  ,

सभी कुछ पा लो दोस्तों  , बेशुमार यहां   ||

 

रंग बिखरे हैं इस , धरा पर दोस्तों  ,

फूल निखरे हैं चमन में , खूब दोस्तों  ,

रंगों से इंद्रधनुष सजा  लो , साथ में आसमां   || 

 

तुम जो मुस्काओगे दोस्तों  ,

समां  भी  तो खिलखिलाएगा दोस्तों  ,

उन्हीं से झिलमिलाएगा  , सारा ये जहां   || 

 

 

 

Saturday, February 14, 2026

HALAAHAL ( AADHYAATMIK )

 

                             हलाहल 

 

शिव ने जब पिया हलाहल , धरा को बचाया उससे ,

अपने कंठ में ही रोक लिया ,धरा को बचाया उससे , 

धरावासियों  ने उनको पुकारा , नीलकंठ के नाम से   || 

 

बचा लिया शिवशंकर ने , धरा को एक विनाश से ,

मगर जब भगीरथ गए , और प्रार्थना की गंगा से  ,

जब गंगा राजी हुईं तब ,शिव ने ही अपनी जटाओं में  ,

समाया गंगा की लहरों को , और बचाया गंगा  बहाव से  || 

 

ऐसे ही शिवशंकर को ,हमारा प्रणाम है ,

उन्हीं को हम शीश नवाते हैं , नमन करते हैं  ,

जय -जय , जय - जय , हे शिवशंकर  ,

दो आशीष  हमें , दो आशीष हमें   || 

 

Friday, February 13, 2026

DEEVANAAPAN ( KSHANIKAA )

 

                              दीवानापन  

 

प्यार के नाम  एक पैगाम  ---- 

 

ये दीवानापन मेरा , वो दीवानापन  तेरा ,

जिंदगी मानो दीवानी हो गई , प्यार की शुरुआत भी हो गई ,

सारा जहां सुंदर सा लगने लगा ,

सारा चमन फूलों से सजने लगा , चहुँ ओर महक भी छा गई  || 

 

ऐसे में हमारा दिल , दीवाना हो गया 

प्यार के धागों से सजकर ,दिल खो गया ,

तुम और मैं दोनों ही तो ,प्यारे से जहां में खो गए ,

इस दीवानेपन से राहों को भी , सुगमता मिल गई  || 

 

प्यार के दरिया में , गोते हम खाते हुए ,

पार करने लगे उस प्यार के ,गहरे दरिया को  ,

दिल भी डूबा हमारा , हम भी डूबे दरिया में ,

और फिर हमको मंजिल मिल गई  , मिल गई   || 

 

Thursday, February 12, 2026

MUSKURAAEGAA ( KSHANIKAA )

 

                                   मुस्कुराएगा 

 

आज आईना  बोला , क्यों फिक्र करती हो तुम  ?

सारे काम तो सिर्फ , मुस्कानों के लिए करती हो  तुम  ,

तो उन्हीं कामों के बदले , मुस्कानें ही तो कमाईं  तुमने  ,

उन्हीं में डूब जाओ तुम , उन्हीं में खिल उठो तुम  || 

 

रुको मत ,मुस्कुराती रहो , और कुछ बाँट भी दो ,

तभी तो सच्ची सी मुस्कानें , तुम्हारे होठों पे आएँगी  ,

खिला लो सच्ची मुस्कानें , होठों पे सजा  लो तुम  || 

 

सभी के मुस्कुराने में , मुस्कुराओगी तुम  ,

सभी के खिलखिलाने में  , खिलखिलाओगी तुम  ,

ये जग भी तो सारा  , मुस्कानों से ही  ,

मुस्कुराएगा , मुस्कुराएगा  , मुस्कुराएगा    ||   

Wednesday, February 11, 2026

KIIMAT RISHTON KII ( JIVAN )

 

                            कीमत रिश्तों की 

 

कोई भी रिश्ता तभी सुंदर रहता है  ,

जब दोनों ओर से उसे निभाया जाए  ,

दोस्तों जब  कोई आपसे , रिश्ता ना निभाए  ,

तो तुम भी उसको  , छोड़कर दूर हट जाओ  दोस्तों  ||  

 

कीमत रिश्ते की क्या है  ? 

एक मुस्कान , एक विश्वास  ,

अगर सामने वाला , ये  कीमत ना चुकाए  ,

तो तुम भी उसको  , छोड़कर दूर  जाओ  दोस्तों  || 

 

कोई भी रिश्ता , बन जाता है जल्दी से  ,

मगर वह रिश्ता जीवन  , पाता है धैर्य रखने से  ,

आपस में सहनशीलता हो  , तभी रिश्ता जिएगा  ,

अगर सामने वाले में  , यह गुण नहीं है  ,

तो तुम भी उसको छोड़कर  , दूर चले जाओ  दोस्तों  ||  

Tuesday, February 10, 2026

KYAA KAHOGEY - ? ( KSHANIKAA )

 

                            क्या कहोगे   -  ? 

 

पाने से कोई घबराता नहीं  , सब कुछ ही वो चाहता है  ,

देने से सब घबराते हैं  , देना वो नहीं चाहता है  ,

ऐसे इंसान को आप  , क्या कहोगे दोस्तों   ??

 

समेटना जिसकी आदत हो  , लेना जिसकी फितरत हो  ,

दूसरे के दर्द का जिसे  , अहसास तक ना हो  ,

ऐसे इंसान को आप  , क्या दोगे दोस्तों   ?? 

 

दिल में जिसके प्यार का  , फूल ना खिला हो  ,

दिल में जिसके प्यार की  , महक ना भरी हो  ,

ऐसे इंसान के साथ  , क्या आप चलोगे दोस्तों   ?? 

 

Monday, February 9, 2026

DOSTII - JIVAN ( KSHANIKAA )

 

                           दोस्ती - जीवन 

 

बहुत से लोग मिलते जीवन में  , सभी अलग - अलग होते  ,

कुछ के होने से होता जीवन , बढ़ता जीवन आगे - आगे   || 

 

कुछ तो जीवन दे जाते हैं  , हँस - हँस कर के  ,

कुछ खुद ही जीवन होते  , जीवंत सभी को  करते  || 

 

ऐसे ही दोस्त , मिल जाएँ किसी  को  ,

तो उस का  जीवन  ,सुखमय बन जाए   || 

 

जीवन का दूजा नाम दोस्ती  ,

दोस्त  का दूजा नाम  है जीवन  ,

दोनों आपस में मिल जाएँ  तो ,

जीवन जगमग हो जाए  दोस्तों   || 

 

Sunday, February 8, 2026

KHILAA MAN ( KSHANIKAA )

 

                          खिला मन  

 

शब्द मिलें शब्दों से , तो गीत बन जाता है  ,

सुर मिलें सुरों से , तो संगीत बन जाता है  ,

गीत और संगीत के मिलने से  , राग बन जाता है  ,

जो दिल में बस जाता है , मुस्कान बन जाता है   || 

 

मुस्कान उतरे होठों पर , तो चेहरा भी सज जाता है  ,

चेहरे के सजते ही , आँखों में चमक आती है  ,

उसी चमक से तो , ये दुनिया चमक जाती है   || 

 

दुनिया के चमकने से ही  ,मन भी खिल उठता है  ,

तभी तो चमन के फूल भी खिल जाते हैं  ,

फूलों के खिलने से , पूरा चमन महक उठता है  ,

हर चमन की खुश्बुओं  से , ये जग महक उठता है   ||  

 

Saturday, February 7, 2026

MUSKURAAHATEN ( KSHANIKAA )

 

                            मुस्कुराहटें 

 

अपनी मुस्कुराहटों में से  ,  कुछ मुस्कुराहटें ,

दूसरों में बाँट कर  , उनकी मुस्कानें सजा दो  ,

जग में सभी की मुस्कानें  , खिलखिलाएँगी   || 

 

फूल बाँटने वालों के हाथों में  ,

फूलों की महक बस जाती है   ,

ऐसे ही मुस्कानें बाँटने वालों के  ,

चेहरे पर मुस्कानें जगमगाएँगी   || 

 

इस जीवन  में आपने , कितनी मुस्कानें बाँटी  ?

कान्हा जी सब देख रहे हैं  ,

उसी का फल तो कान्हा जी  ,

आपको भरपूर देंगे दोस्तों   ||  

 

Friday, February 6, 2026

EK - DOOJE SE ( CHANDRAMAA )

 

                              एक - दूजे से  

 

चलती हुई पवन है , शांत और शीतल  ,

यही पवन तो  , उड़ा ले जाएगी हमें  ,

ले चल पवन हमें ऊपर , गगन के प्रांगण में ,

जहाँ चाँद रहता है  , हम चाहते हैं पवन  ,

हम वहाँ जाएँ  , चाँद से दो बातें कर आएँ    || 

 

मेरी पवन , प्यारी पवन ,तेरा बहुत उपकार होगा  ,

जो हमें उड़ाएगी ,बहुत दूर  ले  जाएगी   ,

आजा - आजा ले चल ,हमें अपने साथ  ,

अपने पंखों के सहारे  ,  ले  चल  हमें उड़ाकर  || 

 

चाँद भी तो अकेला है , गगना के प्रांगण में  ,

उसे भी दोस्त मिल जाएँगे  , हमारे वहाँ जाने से  ,

तुम्हारा साथ भी होगा पवन  , सभी दोस्त मिल कर  ,

मुस्कानें बाँटेंगे , एक - दूजे से  ,एक - दूजे से  || 

 

Thursday, February 5, 2026

BECHAIN ( AADHYAATMIK )

 

                              बेचैन 

 

ऊपर आसमान में रहने वाले से ,

दुनिया बनाने वाले से , पूछा एक दिन  ,

जवाब मिला हमें ---- क्यों तू है सुनती ,सारी बातें जहां की ? 

दो कान दिए हैं मैंने , एक से सुन , दूसरे से  निकाल  ,

सारे जहां की बातें , दिल में तू मत रख  ||  

 

जो तुझे नहीं समझते अपना , तू भी ना समझ उन्हें अपना  ,

जो प्यार ना करें तुझे  ,तू भी ना डूब प्यार में उनके लिए  ,

छोड़ उनका हाथ और दूर तू निकल   || 

 

संसार में रंगों का खजाना है , तू भी कुछ चुन  ,

इंद्रधनुष बना कर , आँखों में  तू बसा ले  ,

अपना जहां सजा ले  ,अपना जहां सजा ले   || 

 

और जीवन अपना , मुस्कानों में डुबा ले  ,

राहें सुंदर कर ले  , उन पर कदम बढ़ा ले  ,

अपनी मंजिल पा ले , जीवन नया बना ले   || 

  

Wednesday, February 4, 2026

NASHEELII BARAKHAA ( JALAD AA )

 

                             नशीली बरखा 

 

जिंदगी आज भीग गई बरखा में ,

ये बरखा कैसे छिपी थी , बरखा के आँचल में  ?

बरस गई रिमझिम बन के , आज मेरे आँगन  में  ,

उसी ने भिगो दिया मेरा आँचल   || 

 

इसी रिमझिम सी बरखा ने , हमें नशे में डूबा दिया ,

चलो इसी रिमझिम को , भर लें  बोतल में  ,

जब ये बरखा बंद हो जाएगी  ,

तो उसी पानी से फिर , नशे में डूब जाएँगे   || 

 

दोस्तों क्या ऐसा नशा भी होता है  ,

जिसमें बरखा की रिमझिम डुबाती है  ,

ख्वाबों की सुंदर नगरी में वो , 

रिमझिम ही लेकर जाती है  ||  

 

ये नशा तो ना किसी शराब  है  ,

और ना ही किसी अन्य चीज में है  ,

ये तो सिर्फ बरखा की रिमझिम में है  ,

जो बरस रही है , बदरा के आँचल से  || 

 

Tuesday, February 3, 2026

KARM ( KSHANIKAA )

 

                                       कर्म 

 

घर के पते कितने भी , बदल लो यारों   ?

 छिपने की कोशिश , कितनी भी कर लो यारों  ?

कर्मों को तुम्हारा , हर ठिकाना मिल ही जाएगा  || 

 

आपके कर्मों की गंध , तेजी से फैल जाती है  ,

उसी गंध का छोर पकड़ कर  , कर्म पहुँच जाते हैं  ,

तो कर्मों को सुंदर राह पर ही ,ले जाओ यारों  || 

 

परिणाम भी कर्मों के तरीके  , पर ही मिलेंगे  ,

उसी के अनुसार ही , फूल भी खिलेंगे  ,

और उन्हीं फूलों की महक से  ,राहें महकेंगी   || 

 

Monday, February 2, 2026

ULAAHANAA ( RATNAAKAR )

 

                            उलाहना 

 

नदिया  की धार दौड़ चल  , पहुँच जा सागर - तट पर ,

तेरा मीठा पानी लेकर भी , सागर है खारा  ,

ना जाने वो कहाँ से पाता  ? 

नमक की बड़ी सी गठरी नदिया  ,

तेरे मीठे पानी को भी  , बना देता है खारा   || 

 

चल - चल - चल , मैं साथ में दौडूँ  ,

तेरे साथ - साथ मैं भी  , सागर - तट पर पहुँचू  ,

उसकी लहरों के साथ - साथ ही  ,

मैं भी उछलूँ  - कूदूँ   || 

 

सागर सदा बुलाता रहता ,मैं ही ना जा पाती  ,

उसकी चंचल - चंचल लहरें , सदा ही मुझे बुलातीं  ,

आज तो मौका आया नदिया , तेरे संग हूँ जाती  ,

सागर ने भी प्यार से , दिया एक उलाहना  ,

आज ही दूर भगाती  , उससे मैं मिल आती   || 

 

Sunday, February 1, 2026

TAAL PAR ( JIVAN )

 

                                   ताल पर 

जीवन की साँसों की डोर को , पकड़ लो  , 

दिल की धड़कन की ताल को , बढ़ा लो  ,

होठों पर सुंदर सी मुस्कान को  , सजा लो   || 

 

जिंदगी के आसमान को इंद्रधनुष से , सजा लो  ,

चमन में खिले फूलों  की खुश्बु से  , महका लो  ,

तितलियों से चमन को रंगों से  , भर लो   || 

 

होठों पर सुंदर से , मीठे से गीतों को , सजा लो  ,

उन गीतों को ,लय की चाशनी में डुबाकर , झनका लो  ,

 उन्हीं गीतों की ताल पर पैरों को  , थिरका लो  ||