आस्था या अंधविश्वास - 2
बचपन में कुछ पंक्तियाँ पढ़ी थीं ,
नीलकंठ तुम नीले रहना ,मेरी बात भगवान से कहना ,
सोते हों तो जगा के कहना ,जागते हों तो कान में कहना ||
हमारे बचपन की आस्था और भरोसा ,
नीलकंठ और भगवान दोनों थे ,
आस्था के साथ -साथ हमारा ,अंधविश्वास भी था ,
नीलकंठ पर ,ईश्वर पर ,हाँ ! ईश्वर पर ||
ठीक कहा ना दोस्तों ,क्या आप भी ,
ऐसा ही विश्वास ईश्वर पर करते हैं ?
अगर ऐसा है ,तो आप भी ,
ईश्वर पर अंधविश्वास करते हैं ||
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