Tuesday, January 31, 2023

CHANCHAL SAAGAR ( RATNAKAR )

 

                  चंचल सागर 


छल -छलाता सागर आया ,लहरों का रेला सा आया ,

मुस्कानों का मेला आया | 


सागर की लहरों ने पुकारा ,आओ ,आओ पास हमारे ,

हाथ थाम कर हमें बुलाया | 


साथ चल पड़ी मैं उनके ,कदम -कदम थे साथ चले ,

मुस्कानों ने दिल भरमाया | 


सागर रहता शांत सदा ,उसमें ना तूफ़ान कभी ,

मगर आज चंचल बन आया | 


दोस्त सदा थी सागर की ,सागर भी तो दोस्त रहा ,

आज उसने यूँ हमें बुलाया | 


Sunday, January 29, 2023

SAMBHAL KAR ( JIVAN )

 

                         संभल कर 


झूठों के झुंड में ,हारता है सच्चा ,

मूर्खों के झुंड में ,हारता है चतुर ,

मत करो बहस दोस्तों ,

ऊर्जा को व्यर्थ ,ना खर्च करो दोस्तों | 


ये सब जिंदगी की सच्चाई है दोस्तों ,

इसे स्वीकार करो ,

ऐसे में ही अछूते बने रहो दोस्तों | 


जिंदगी में सभी उतार - चढ़ावआते हैं ,

जिंदगी की राहें टेढ़ी - मेढ़ी हैं ,

उन्हीं पर संभल कर ,चलते रहो दोस्तों | 


VAHEE JAANE ? ( JIVAN )

                        वही जाने ?


घूम रहा है ,समय का पहिया ,

गया पुराना ,नया है आया ,

सबको ही तो ,इसने दोस्तों ,

अपना हरेक ही ,रूप दिखाया | 


जैसे पतझड़ में ,झड़ते जाते हैं पुराने पत्ते ,

ले लेते हैं उनकी जगह ,नए और कोमल पत्ते | 

 

उसी तरह इस जीवन में ,संघर्ष  भरे दिन आते हैं ,

और उन्हीं के बाद दोस्तों ,अच्छे दिन भी आ जाते हैं | 


मत सोचो कब ,क्या हुआ ? 

मत सोचो कब और क्या होगा ?

ईश्वर की जो मर्जी होगी ,वही सब तो हर पल होगा ,

हम नहीं जानते ,

हमारे लिए क्या ,कुछ अच्छा होगा ? 

ईश्वर ही तो जाने दोस्तों ,हमारे लिए क्या अच्छा होगा ? 


Thursday, January 26, 2023

SUNDAR JIVAN ( JIVAN )

              

                         सुंदर जीवन 


मन का मेल किसी से ,हो जाता नहीं यूँ ही बंधु ,

मन के मुताबिक जब कोई ,मिल जाता है बंधु ,

मगर कैसे मिलेगा कोई ? मन के मुताबिक बंधु ,

हमें भी तो ढलना पड़ता है ,

उसके मन के मुताबिक बंधु | 


अपनेपन के धागों से ,बुनने और सिलने पर ही ,

हम ऐसा कोई इंसान ,ढूँढ सकते हैं बंधु ,

जो हमारे मन मुताबिक हो ,

और हम जिसके मन मुताबिक हों | 


अधिक खोजबीन की जरूरत नहीं बंधु ,

जो कुछ हमारे पास है ,वही सबसे बेहतर है ,

अगर हम समझ जाएँ ,तो जीवन सुंदर बन जाएगा | 


Monday, January 23, 2023

JIYO JINDGI ( JIVAN )

 

 

                            जियो जिंदगी 


मालिक ने दुनिया में ,भेजते समय कहा -- " जिंदगी जीना ,

मुस्कुराहट का तोहफा दिया है तुम्हें ,खूब मुस्कुराना |"

 

मगर  हमने क्या किया ? दूसरों के सुख को गिनने लगे ,

उसमें मशगूल हुए इतने ,अपने सुखों को भूल गए | 


अपनी कमियों को अपना दुःख समझा ,जो सबसे बड़ा लगा ,

और दूसरों का सुख हमें ,अपने सुख से बड़ा लगा | 


मुस्कान की जगह उदासी ने ली ,प्यार हुआ नफरत से छोटा ,

मालिक ने जो जिंदगी दी ,ऐसे में किया उसको छोटा |



Sunday, January 22, 2023

UMMEEDEN ( KSHANIKA )

 

                          उम्मीदें  


उम्मीदें बनाए रखो ,तभी मिलेगा भोर का उजाला ,

उसी उजाले में मुस्कान खिलीं रहेंगी ,

उसी से सजी रहेगी ,खुशियों की माला | 


उम्मीदों की चाभी से ही ,खुलेगा सुखों का ताला ,

सुख में डूबकर ही तो ,

चैन की नींद का होगा बोलबाला | 


उम्मीदों के रंगों से ही ,इंद्रधनुष छाएगा ,

जिंदगी का आसमान ,रंगीन हो जाएगा | 


उम्मीदें दूसरों से ना बनाना कभी ,

टूट -टूट कर बिखर जाएँगी ,

उम्मीदें अपने दिल में जगाए रखो ,

तभी तो आत्मा खिलखिलाएगी | 


उम्मीदों की ज्योति ही ,

हमारे मन - मंदिर में जगमगाएगी ,

तभी तो दुनिया सारी ,

सुंदर से सुंदरतम बन जाएगी | 


Friday, January 20, 2023

SHABD JEEBH KE ( DOHA )

                     शब्द जीभ के 


व्यक्तित्व प्रभावशाली हो जिसका ,आँखों से दिख जाय ,

कलम चला ले वो कभी ,तो कभी जीभ से काम चलाय | 


शब्द कलम के तो बंधु ,मिटाने से मिट जायं ,

मगर जीभ के शब्द तो(कटु या मीठे),दिल पर ही छप जायं | 

 

सोच - समझ के बोलिए ,कोई भी हो शब्द ,

अपने पर ही बोल के ,पहले तोलो शब्द | 

 

हर शब्द मुस्कान में ,डुबा लो मेरे बंधु ,

बोलोगे जब ऐसे तभी तो , सबका प्यार पाओगे बंधु | 

 



 

 


  



Thursday, January 19, 2023

PRASHN - PATRA ( JIVAN )

 

                        प्रश्न - पत्र 


जिंदगी एक प्रश्न -पत्र है ,तो उसका हल है संघर्ष ,

जिंदगी देती जाती है सवाल पर सवाल ,

उन सवालों का उत्तर है सही दिशा में संघर्ष | 


किताबों में प्रश्न भरे पड़े हैं ,

हमारे दिलों में प्रश्न भरे पड़े हैं ,

उनके उत्तर  मिलेंगे दोस्तों ,

जब हम उनके लिए संघर्ष करेंगे | 


सत्य की राह एक ,बड़ा प्रश्न लेकर खड़ी है ,

उस पर चलोगे तो भीड़ क्यों नहीं मिलेगी ?

क्योंकि उस राह पर चलने के लिए ,

संघर्ष ही संघर्ष भरे पड़े हैं | 


मगर इस सबसे बच के ना चलो दोस्तों ,

हल ढूँढों कोशिश करके ,संघर्ष करो हिम्मत करके ,

सत्य की ही राह चुनो ,

हम भी तो एक प्रश्न -पत्र हैं दोस्तों ,

स्वयं को हल कर लो ,स्वयं को समझ लो ,

और पा जाओ अपनी मंजिल को ,

पा जाओ अपनी मंजिल को |

Wednesday, January 18, 2023

JADAIN ( JIVAN )

 

 

                               जड़ें  


खुशियों की जड़ें ,पेड़ों की जड़ों जैसी हैं ,

खुशियों की जड़ें ,हमारे दिल में होती हैं ,

पेड़ों की जड़ें ,मिट्टी के अंदर होती हैं | 


खुशियों की जड़ें ,हमें खुश रखती हैं ,

खुशियों की जड़ें ,चेहरे पर मुस्कान लाती हैं ,

दूसरी ओर ,पेड़ों की जड़ें ,पेड़ों  वृद्धि करती हैं ,

पेड़ों की जड़ें ,पेड़ों को हरा - भरा रखती हैं | 


खुशियों की जड़ें ,हमारे जीवन को सुंदर बनाती हैं ,

पेड़ों की जड़ें ,पेड़ों में फूल खिलाती हैं | 


इसलिए दोस्तों ,खुशियों की जड़ों को ,

खाद ,हवा और पानी दो मुस्कानों के ,

जिससे वो बढ़ें और बढ़ा दें ,आपकी मुस्कानों को ,

बढ़ा दें ,आपकी खुशियों को ,

वरना कहानी तो ,हर एक की जिंदगी की होती है | 


Tuesday, January 17, 2023

RAAT BANAAM DIN ( JIVAN )

 

                        रात बनाम दिन 


नींद की गहराइयों में ,डूब गए जब हम ,

रातों की लंबाई ,बहुत अच्छी लगने लगी ,

ख्वाबों की मुस्कुराहटें ,जब बढ़ गईं  तो ,

रातों की तनहाइयाँ , बहुत अच्छी लगने लगीं | 


ख्वाबों को पूरा करने की ,हसरतों ने जब जन्म लिया ,

दिन की लंबाई भी ,बहुत कम सी लगने लगी ,

ख्वाब जब धीरे - धीरे ,पूरे होने लगे ,

दिन की उदासियाँ भी ,मुस्कुराहटों में बदलने लगीं | 


इन्हीं रात और दिन ,के चलने से तो दोस्तों ,

जिंदगी की राहें ,चलती जाती हैं ,

इन्हीं पहियों द्वारा तो ,जिंदगी की गाड़ी ,

सभी तरह के रास्तों पर ,दौड़ी ही तो चली जाती है | 


Monday, January 16, 2023

MITTEE SE ( JIVAN )

 

                       मिट्टी से 


मिट्टी का एक मटका ,और मिट्टी की एक सुराही ,

ख़ुशी - ख़ुशी थे बातें करते ,हँसते और मुस्काते | 


मानव ने देखा तो बोला ,क्या बात है बंधु ? 

क्यों इतने खुश हो दोनों ? 

गर्म -गर्म से मौसम में भी ,खुश होते हो दोनों ? 


कैसा भी मौसम हो भाई ? हम दोनों तो खुश रहते ,

हम तो बने हैं मिट्टी से ,हम तो ठंडे रहते ,

दूजों को भी हम तो भाई ,ठंडक ही ठंडक देते | 


भूत ,भविष्य और वर्तमान ,सभी तो जुड़ा है मिट्टी से ,

तभी तो हम खुश होकर ,सबको खुश कर देते | 


Sunday, January 15, 2023

MUSKURA DO ( KSHANIKA )

 

                        मुस्कुरा दो 


हवा जब धीमी चली ,तो बयार कहलाई ,

जब वही तेज चली ,तो आँधी कहलाई ,

कुछ और तेज होने पर ,तो वही तूफ़ान कहलाई | 


इसी तरह हमारे अंदर ,मन की उलझनें ,

जब बढ़ीं तो ,तनाव कहलाईं ,

तनाव जब बढ़ा तो ,क्रोध में बदल गया ,

वही क्रोध जब फूटा ,तो ज्वालामुखी बन गया | 

 

क्रोध और तूफ़ान ,दोनों  ने  क्या किया ? 

बाद में  चला पता,तूफ़ान ने ,

शहर के शहर ,गाँव के गाँव उजाड़ दिए ,

क्रोध ने  , रिश्तों को रौंद डाला ,

प्रेम और प्यार की ,हत्या कर डाली | 


बचो इस क्रोध से दोस्तों ,

मत पालो तनावों को दोस्तों ,

सुलझा लो ,सभी उलझनों को दोस्तों ,

मुस्कुरा दो दोस्तों , मुस्कुरा दो दोस्तों || 


KAISE ? ( AADHYATMIK )

 

                           कैसे  ?  


रहस्यों भरी दुनिया उसकी ,ना जाने रचा उसने कैसे ? 

कितने साँचे उसने बनाए ? तब ये दुनिया का रूप बनाया | 


हम तो ना समझे बंधु ,क्या तुम समझे ? 

जो तुम समझे ,तो हमें भी समझाओ | 


अलग -अलग अक्स हैं ,इस पूरी दुनिया में ,

अलग -अलग सोच हैं , इस पूरी दुनिया में | 


हर रचना में अलग रंग हैं ,अलग स्वाद हैं बंधु ,

हरा ,नीला ,पीला ,लाल रंग ,

और स्वाद खट्टा ,मीठा ,फीका है,

एक इंद्रधनुष  में जड़ दिए हैं ,उसने सात रंग बंधु | 


कैसे रचाई उसने ,इतनी सुंदर दुनिया ? 

कैसे खिलाईं उसने ,इतनी सुंदर कलियाँ ? 

कैसे भर दीं  उसने ,आँखों में चमक इतनी ?

कैसे भर दीं उसने ,होंठों में मुस्कान इतनी ? 

कैसे ? नहीं पता किसी को बंधु | 


Wednesday, January 11, 2023

HONTHON PE ( JIVAN )

 

                              होंठों पे 


जो कुछ पाया है किस्मत से,जीवन संभला है उस सब से ,

दिल हमारा हुआ है खुश ,

मुस्कान आई है होंठों पे | 


कुछ और ना इच्छा है अपनी ,ईश्वर पर विश्वास हमें पूरा ,

जो कुछ उसने दिया हमें ,

मुस्कान आई है होंठों पे | 


संतुष्ट हैं हम इस जीवन से ,जो पाया है हमने बंधु ,

अमीर हैं हम  इसीलिए तो ,

मुस्कान आई है होंठों पे | 


ये ही तो जागीर है अपनी ,यही तो तकदीर है अपनी ,

सब कुछ ही तो अच्छा है सोच के ,

मुस्कान आई है होंठों पे | 


आगे भी सब अच्छा होगा ,जीवन सीधा ,सच्चा होगा ,

हो जाएगा प्यार अमर अपना ,

मुस्कान आई है होंठों पे | 


Tuesday, January 10, 2023

DORR PYAAR KII ( PREM )

 

                       डोर प्यार की 


बन गया कोई अपना ,अपने प्यारे व्यवहार से ,

अपने मीठे बोलों से ,बोलों के इज़हार से ||


नहीं खून का रिश्ता था ,ना सगा - संबंधी था ,

मगर दिल में प्यार था ,प्यार के इकरार से || 


उसी रिश्ते को दिल से ,दिल के प्यार से संभाला हमने ,

ढीला नहीं पड़ने दिया हमने ,प्यार की उस डोर को || 


आओ दोस्तों ,बाँध लें हम -तुम ,दिलों को जोड़ लें हम ,

प्यार की कच्ची सी नाजुक ,मगर पक्की डोर से || 


जीवन ऐसा ही है दोस्तों ,रिश्ता बनाना मुश्किल नहीं है ,

मगर उसे संभालने में ,वक्त लगता है ज्यादा ,

उस वक्त को बाँधा हमने ,प्यार की डोर से ,

भई ,प्यार की नाज़ुक डोर से || 


Monday, January 9, 2023

UDAANEN ( KSHANIKA )

 

                       उड़ानें 


संघर्षों से ही उड़ानें भरी जाती हैं ,

कुछ -कुछ ऊँचाइयाँ पार की जाती हैं ,

उन्हीं को देखकर तो आसमान भी ,

कुछ नीचे को उतर आता है ,

हँस के कहता है ,"आओ मुझे छू लो "|

 

वही आसमान तो सच्चा दोस्त है बंधु ,

जो हमारे संघर्ष को देख ,साथ देता है ,

यही रिश्ता तो हमारे दिल में ,

हमारी रूह में उतर जाता है ,

तभी तो हम भी उसे कहते हैं ,

" आ जाओ ,आकर हमारी बाँहों में झूलो | "

 

बड़ी किस्मत से ऐसे दोस्त मिलते हैं ,

जो दोस्ती निभाने के लिए ,

अपने आसन से उतर आते हैं ,

थाम कर हाथ अपने दोस्तों का ,

अपने आसन तक उन्हें ले जाते हैं | 

 

 

Sunday, January 8, 2023

DUNIYAA MAHAKII ( PREM )

 

                     दुनिया महकी 


मिले दो अजनबी एक दिन ,जान - पहचान हुई ,

धीरे - धीरे बंधु उन दोनों में ,दोस्ती होती गई | 


मिलते रहे वो दोनों ,दोस्ती बढ़ती गई ,

और फिर बंधु उनकी ,ये दोस्ती प्यार में बदल गई | 


प्यार हुआ ,मुस्कुराहटें बढ़ीं ,दोनों की राहें एक हुईं ,

पनपा भरोसा ,विश्वास बढ़ता गया ,

और दोनों के दिल की कली खिल गई | 


तारों की चमक आँखों में ऐसी बढ़ी ,

राहें दोनों की मानो जगमगा उठीं ,

मुस्कानों के फूल खिले जो राहों में ,

महक से उनकी दुनिया महक गई | 


BINAA SAAHIL ( RATNAKAR )

 

                      बिना  साहिल 


साहिल ने बाँध के रखा है सागर को ,

अगर साहिल नहीं होता तो क्या होता ? 

अगर ऐसा होता तो सागर अनंत हो जाता ,

कहीं कोई छोर ना होता | 


बिना साहिल के सागर प्रेमी ना आते ,

ना सागर से हाथ वो मिलाते ,

ऐसे में तो सागर ,अकेला ही रह जाता ,

कहीं कोई दोस्त या प्रेमी नहीं होता | 


बिना साहिल के सागर की ,

लहरें क्या करतीं ? 

कैसे वो चंचला बन ? उछल -कूद करतीं ,

कैसे वो सागर के दिल की बातें ?

दूसरों तक पहुँचाती ,खिलखिलातीं | 


बिना साहिल के लहरें ,वापस कहाँ जातीं ?

दोस्तों की बातें ,कैसे सागर  सुनातीं ? 

कहकहे लगाकर ,कैसे सागर को खुश कर जातीं ? 


Saturday, January 7, 2023

SAMMAAN ( KSHANIKA )

 

 

                 सम्मान 

 

श्रृद्धा से मिलता है ज्ञान ,

नम्र बनने से मिल जाए मान ,

बनो योग्य तो मिलता स्थान ( पदवी  ),

सभी के होने से बंधु ,

मिल जाता सब को सम्मान |

 

उम्र बढ़ने से भी मिलता मान ,

मगर ना होता वह सम्मान ,

अगर तजुर्बा हो अच्छा ,

उससे हो दूजों का भला ,

तभी तो मिल जाता सम्मान | 

 


Friday, January 6, 2023

MUSKAAN MEIN ( JIVAN )

 

                मुस्कान में 


समय का पहिया ,चले सदा ,

किसी के रोके वह ,रुके नहीं ,

आज अगर आँसू बाँटे ,

कल वह बाँटे ,खुशियाँ भी | 


समय बिताएँ ,मुस्कानों से ,

दिल में ना ,पालें कोई ग़म ,

दे दें ढेरों मुस्कानें ,

दूजों में ,और अपनों में भी | 


करें ना तुलना ,आपस में ,

दूजों के सुख में ,हो जाएँ सुखी ,

ग़म दूजों के ,कम कर के ,

खुशियाँ दे दें ,उनको भी | 


समय जो,मिल गया तुमको ,

उसे अच्छा ,बना लो तुम ,

इंतजार ना करो लंबा दोस्तों ,

मुस्कान में ,उसको बसा लो भी | 


Wednesday, January 4, 2023

BINAA DAAMINI ( JALAD AA )

 

                   बिना दामिनी 


दामिनी ने दी, रंगीन किनारी बदरा को ,

दामिनी ना होती तो , बदरा कैसा होता ? 

कोई  ना किनारा ,फैला चहुँ ओर ,

कोई ना आकार ,कैसे बने चित्र साकार ? 


दामिनी ना होती तो ,बदरा कैसा होता ? 

काला -काला ,कहीं हल्का ,कहीं गहरा ,

चमकीले रंग का ,किनारा दिया दामिनी ने ,

सुंदरता का नया मापदंड ,दिया दामिनी ने | 


शांत सा बदरा ,जल - वाष्प से बना बदरा ,

पवन संग ,आकाश में उड़ता रहता ,

कुछ ना बोलता ,कुछ ना गुनगुनाता ,

शाँति से उड़ता ,मानो बहता रहता | 


दामिनी ने दिया ,कड़क भरा शोर उसको ,

जो धरा के ,लोगों को भी डरा दे ,

बिना दामिनी ,बदरा क्या और कैसा होता ? 

जरा सोचो तो ,जरा सोचो तो | 


Tuesday, January 3, 2023

ANTARMAN ( GEET )

 

                    अंतर्मन 


वो खामोशियाँ ,अंतर्मन में जो बसीं ,

वो सरगोशियाँ ,अंतर्मन में जो बजीं | 


संघर्षों में जूझते ,अंतर्मन की आवाजें ,

कहती हैं इन्हीं में ,तो नई कलियाँ खिलीं | 


खामोशियों में ही ,तो कभी ग़म मिला ,

और कभी तो ,खुशियाँ ही खुशियाँ मिलीं | 


कभी हम किसी के ,बंधन में बंध गए ,

और कभी तो हमको पूरी आज़ादी मिली | 


कभी तो प्यार से ,हाथ अपना थामा किसी ने ,

और कभी तो उसी ,हाथ से झटकन मिली | 


काश अंतर्मन डूब जाता ,किसी के प्यार में ,

चाहे खामोश रहे ,चाहे सरगोशियाँ करे ,

वहाँ से ना आज़ाद होता ,हाथ थामे चलता ,

और कभी तो कहता ,आज मेरी दुनिया सजी | 

 

Monday, January 2, 2023

AMARR CHIRAAG ( JIVAN )

 

 अमर  चिराग 


चिराग छोटा है ,मगर रोशनी खूब देता है ,

अँधेरों से घिरी आँखों की ,चमक बढ़ा देता है ,

उसका आकार है छोटा ,मगर काम बहुत बड़ा ,

सभी की जिंदगी में ,उजालों को भर देता है | 


चिराग का ना घर है ,ना कोई ठिकाना ,

मगर जहाँ जला दो ,रोशन उसे कर देता है ,

जिंदगी उसकी लंबी नहीं ,तो ना सही दोस्तों ,

रोशनी सभी को देकर ,अमरत्व पा लेता है | 


हम भी सीखें चिराग से ,यादों में बसने का सलीका ,

अमर रहने का तरीका ,

कुछ ही समय में ,मदद दूसरों की करके ,

ता - उम्र याद करें सब ,मुस्कुराहटें दें गर हम ,

तो प्यार हम पा जाएँगे ,यादों में हम बस जाएँगे | 


Sunday, January 1, 2023

BINA CHAANDANI ( CHANDRAMA )

 

 

                    बिना चाँदनी  (  चंद्रमा ) 


चाँद तू चमकता है गगन में ,चाँदनी भेजे धरा पर ,

चाँदनी में नहाकर ,धरा जगमग होती है ,

रात के अंधकार में भी ,धरा चमकती जाती है | 


चाँदनी है दोस्त तेरी ,तू तो है मेरा सखा ,

चाँदनी भी बन गई है सखि मेरी ,

हम तीनों ही हैं ,दोस्त एक दूजे के | 


चंदा तेरा वज़ूद है चमकता ,चाँदनी से ,

चंदा तेरा जीवन है पलता ,चाँदनी से ,

चंदा तेरी मुस्कान खिलती , चाँदनी से | 


जो चाँदनी ना हो ,तो कैसा वज़ूद तेरा ? 

जो चाँदनी ना हो ,तो कैसा जीवन तेरा ? 

जो चाँदनी ना हो ,तो मुस्काना  कैसा ? 


हम सोच भी नहीं सकते चंदा ,

चाँदनी के बिना चंदा , चाँदनी के बिना चंदा | 

असंभव ,असंभव , असंभव |