Sunday, January 8, 2023

DUNIYAA MAHAKII ( PREM )

 

                     दुनिया महकी 


मिले दो अजनबी एक दिन ,जान - पहचान हुई ,

धीरे - धीरे बंधु उन दोनों में ,दोस्ती होती गई | 


मिलते रहे वो दोनों ,दोस्ती बढ़ती गई ,

और फिर बंधु उनकी ,ये दोस्ती प्यार में बदल गई | 


प्यार हुआ ,मुस्कुराहटें बढ़ीं ,दोनों की राहें एक हुईं ,

पनपा भरोसा ,विश्वास बढ़ता गया ,

और दोनों के दिल की कली खिल गई | 


तारों की चमक आँखों में ऐसी बढ़ी ,

राहें दोनों की मानो जगमगा उठीं ,

मुस्कानों के फूल खिले जो राहों में ,

महक से उनकी दुनिया महक गई | 


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