Sunday, July 31, 2022

VO LAMHE ( GEET )

 

 

                 वो लम्हे 

 

दोस्तों के साथ बिताए गए ,

वो यादगार लम्हे ,

कहकहों और खिलखिलाहटों से भरे ,

वो यादगार लम्हे | 

 

बहती जिंदगी में तैरते हुए ,

वो यादगार लम्हे ,

बचपन की किलकारियों में गूँजते हुए ,

वो यादगार लम्हे | 

 

फूलों से भरे गुलशन में महकते हुए ,

वो यादगार लम्हे ,

तितलियों के पीछे भागते हुए बच्चों के ,

वो यादगार लम्हे | 

 

चिड़ियों की चहचहाहटों से भरे हुए ,

वो यादगार लम्हे ,

मयूर पंखों से भरे रंगीन हुए ,

वो यादगार लम्हे ,

जिंदगी की सबसे खूबसूरत अमानत हुए ,

वो यादगार लम्हे | 

 

Friday, July 29, 2022

ASAMAAN - SAMAAN ( KSHANIKA )

 

 

             असमान - समान 

 

 विचारों की असमानता भी ,

दोस्ती में खलल नहीं डाल सकती ,

अगर दूसरों के विचारों को ,

पूर्ण सम्मान दिया जाए तो | 


हम संभाले रहें ,अपनी विचार - पुस्तिका को ,

मगर दूसरों की विचार - पुस्तिका के लिए ,

एक सुंदर सा विचार ,उन्हें उपहार - स्वरुप दें ,

पुस्तक - चिन्ह के रूप में | 


तब वो भी आपके विचारों का ,

आदर और सम्मान करेंगे ,

धन्यवाद स्वरूप वो भी आपको ,

मुस्कुराहटें देंगे उपहार में | 

 

असमानता और समानता ,

भी  गले मिल सकते हैं ,

अगर दूसरे के विचारों में ,

दखल-अंदाजी ना करें तो | 


Friday, July 22, 2022

ASHAANT MAN ( JIVAN )

 

 

                    अशांत मन 

 

जब कभी हो मन अशांत ,

आँख बंद कर ध्यान लगा लो ,

अपने मन के अंदर झाँक कर ,

उसका कोना - कोना छान लो | 


कहीं कोई तिनका ( ताना ) मिल जाए ,

कहीं कोई धूल का कण ( अपमान ) मिल जाए ,

शुद्ध विचारों से साफ कर लो ,

मुस्कानों से धो डालो | 


प्यार की कमी गर हो जीवन में ,

और इसीलिए मन अशांत हो ,

तो गीत प्यार का सुन लो ,

और गीत को गुनगुना लो | 


अशांत मन को भटकने मत दो ,

प्यार के कच्चे धागे से ही बाँध लो ,

ध्यान रखो धागा छूटे ना हाथ से ,

ध्यान रखो धागा टूटे ना ,हाथ से थाम लो | 


साँसों के तार पर ध्यान दो ,

गति ना बढ़ा दें ,गति ना घटा दें ,

कोशिश करो मध्यम चाल ही चलें ,

कोशिश करो मन को शांत ही करें || 


Tuesday, July 19, 2022

VO YAADEN ( KSHANIKA )

 

 

                     वो यादें 

 

यादें हैं हर पल की ,बीते हुए जीवन की ,

कुछ मीठी ,कुछ खट्टी | 

 

मीठी यादें मुस्कान जगाती हैं ,

खट्टी यादें मुस्कान सुलाती हैं , मगर जीवन में तो ,

हर तरह की यादें हैं ,सभी याद रह जाती हैं | 


यादों में दोस्तों के कहकहे हैं ,

सहेलियों की खिलखिलाहटें हैं ,

प्यार की मस्ती में डूबे पल हैं ,तो कुछ उदासियाँ भी हैं | 


सभी यादें सिमटी हैं दिल में ,

सभी यादें उन पलों को जीवंत कर जाती हैं ,

और होठों पर मुस्कान ,या आँखों में नमी छोड़ जाती हैं | 


जो भी हो यादें हमारी हैं ,नहीं ये उधारी हैं ,

इन्हें रखो संभाल के ,दिल के कोने में संवार के | 


Monday, July 18, 2022

PAANEE KI DHOOP ( KSHANIKA )

 

 

                       पानी की धूप 

 

तरल नहीं कोई पानी सा ,सरल नहीं कोई पानी सा ,

जिधर रास्ता मिले चले || 

 

रंग नहीं कोई पानी का ,संग नहीं कोई पानी का ,

जिसमें मिले उसी रंग रंगे || 

 

ठंडा ,शीतल पानी है ,उसका नहीं कोई सानी है ,

ताप मिले तो गर्म रहे || 

 

जीवन देने वाला है ,जीवन चलाने वाला है ,

पानी नहीं  तो जीवन में ताला है || 

 

पानी से सीखो सरलता ,पानी से सीखो तरलता ,

पानी से बन जाओ तुम || 

 

सारे ही गुण ले लो तुम ,लो पानी का रूप तुम ,

मानो हो पानी की धूप तुम || 

 

Sunday, July 17, 2022

SAJAA LO ( PREM )

 

 

                     सजा लो 

 

प्यार को हृदय की गहराइयों में बसा लो ,

मगर मुस्कानों को होठों पर ही सजा लो ,

बाँटते रहो प्यार को तुम सभी में ,

बिखराते रहो मुस्कानों को तुम सभी में | 

 

जीवन एक है खुशियों में ही तुम उसे डुबा लो ,

प्यार के धागे से सभी को तुम बंधा लो ,

रंग और महक को फैला दो तुम सभी में ,

तितलियों की तरह चंचलता दो तुम सभी में | 

 

सब ओर राज खुशियों का तुम फैला लो ,

सब ओर मुस्कुराहटों की चमक तुम सजा लो ,

आँखों में चमकीले सपने सजा दो तुम सभी में ,

सपनों को पूरा करने की हिम्मत दो सभी में | 


कोई ना डूबे ग़मों में तुम उन्हें बचा लो ,

कोई ना परेशां हो तुम ही उन्हें संभालो ,

राहों को सजाने की हिम्मत दो सभी में ,

दीपक बन के उजाले दे दो तुम सभी में || 


SANJEEVANI BOOTI ( JIVAN )

 

 

                    संजीवनी बूटी 

 

रिश्तों को बाँध लो ,प्यार की डोरी से ,

रिश्ते हमेशा रहते , दिल की खोली में ,

भूल जाओ खामियाँ ,गर किसी में है ,

याद रखो खूबियाँ ,जो दूसरे में है | 


रिश्ता बँधा रहे तो ,मुस्कान देता है ,

रिश्ता सधा रहे तो ,खिलकान देता है ,

हाथों को मिला लो ,जो हाथ बढ़ा दे ,

हाथों को बढ़ा दो ,जो हाथ मिला दे | 


टूटा अगर जो रिश्ता ,रह जाओगे अकेले ,

टूटे हुए रिश्ते में हैं ,अनगिनत से झमेले ,

रोको ना प्यार को तुम ,बाँटो सभी में बंधु ,

बाँधो ना मुस्कानों को ,फैलाओ सभी में बंधु | 

 

परवाह हो सभी की ,जितनी भी हो सके ,

मदद हो सभी की ,जितनी भी हो सके ,

रिश्तों की डोरी बँधेगी ,जीवन के सफर में ,

रिश्ते तभी बढ़ेंगे ,जीवन के इस सफर में ,

संजीवनी बूटी है ये ,जीवन के इस सफर में | 

 

Friday, July 15, 2022

EISAA DOST ( JIVAN )

 

                      ऐसा दोस्त 

 

एक मधुर गीत है ---- 

"कोई होता जिसको अपना ,

हम अपना कह लेते यारों " 

 

सच में दोस्तों ---  कोई तो ऐसा दोस्त हो ,

जिसके हम निकट जा कर ,

दिल की बातें कर सकें | 

 

कोई तो ऐसा दोस्त हो ,

जो पास हो  या दूर ,

 मगर हम खुल के बातें कर सकें | 


कोई तो ऐसा दोस्त हो ,

जहाँ सोचने की जरूरत ना हो ,

हम बिना सोचे,समझे बातें कर सकें | 


कोई तो ऐसा दोस्त हो ,

जहाँ दिल सुकून पा जाए ,

ऐसी अनजानी और पहचानी बातें कर सकें | 


Wednesday, July 13, 2022

GURU BCHCHE ( KSHANIKA )

 

                     गुरु बच्चे 

 

गुरु आज हो आप ही ,मेरे छोटे बच्चों ,

आप से ही सीखें हम ,जीने की कला ,

नए - नए से खेल ,नए - नए से मेल ,

मोबाईल चलाना मानो ,लगता आपको खेल ,

इसलिए नमन ,नमन ,नमन ,नमन | 

 

Tuesday, July 12, 2022

MEETHEE DHUN ( DOHAA )

 

 

                         मीठी धुन 

 

अगर है मन की शांति ,तो तुम हो बड़े अमीर ,

भाग्य तुम्हारे साथ है ,बाकि सभी फ़क़ीर | 

 

जीवन बहुत अमोल है ,कीजे कद्र अमोल की ,

बेकद्री ना करो तुम ,रखो इसे संभाल के | 

 

छोटा सा ही जीवन है ,समय ना व्यर्थ गँवाओ ,

मिल जाए जो दोस्त एक ,रिश्ता खूब बढ़ाओ | 

 

प्रेम ,प्यार एक बूटी है ,जो खुशियाँ बरसाए ,

उसे समेटो प्यार से ,आँचल भी भर जाए | 

 

क्रोध किसी पे ना करो ,क्यों दिल अपना जलाओ ? 

क्रोध को तो बंधु तुम ,मन में कभी ना बसाओ | 

 

रिश्तों को तुम बाँध लो ,मधुर बानी में बोल ,

कोई भी जो शब्द हो ,बोलो उसको तोल | 

 

यादों से खुशियाँ मिलें ,ऐसी यादें चुन ,

तभी तो बंधु जीवन में ,बजेगी मीठी धुन | 

 

Sunday, July 10, 2022

BOLII ( DOHE )

 

 

                    बोली 

 

रोटी पर लग जाय जो ,थोड़ा सा घी दोस्त ,

स्वाद बहुत बढ़ जायगा ,जीभ बनेगी दोस्त | 

 

इसी तरह जो नाम के ,आगे जी ( शब्द ) लगाओ ,

दूजों से फिर दोस्त तुम ,खूब ही इज्जत पाओ | 

 

स्वाद और इज्जत मिली ,तो जीवन खुशहाल ,

प्राप्त करो इसे खूब ही ,हो जाओ मालामाल | 

 

बच्चा सीखे बोलना ,जब दुई बरस का होय ,

पटर - पटर बोलत फिरै ,सबको खुश कर देय | 

 

जब वह बड़ा हो जाय तो ,सब कुछ बोलता जाय ,

क्या है ठीक और क्या गलत ? समझ नहीं कुछ आय | 

 

पूरी उमर गँवाई दे ,पटर - पटर ही बोल के ,

मीठी बोली ना भई ,पूरा जीवन तोल के | 

 

Friday, July 8, 2022

UPJAAOO MAN ( GEET )

 

 

                 उपजाऊ मन 

 

मिट्टी में बोया जो बीज ,पानी से सींचा वो गया ,

फूटा अंकुर ,निकलीं पत्तियाँ ,धीरे -धीरे वो पेड़ बना | 

 

धरा हमारी है उपजाऊ ,हरियाली उसमें पनपे ,

बीज कोई भी बोया जाए ,नए -नए पौधे उगते | 

 

धरा जैसा ही मन है हमारा ,मन में तो विचार उगते ,

नफरत उसमें गई अगर ,तो नफरतों के पेड़ उगते | 

 

डालो बीज प्यार ,प्रेम का ,खूब ही प्रेम उगाओ तुम ,

मन भर जाएगा प्रेम से ,उसको खूब लुटाओ तुम | 

 

सबसे उपजाऊ है मन अपना ,सोच के उसमें डालो बीज ,

प्यार ,प्रेम की फसल बढ़े जब ,दुनिया नई सजाओ तुम | 

 

Wednesday, July 6, 2022

PAANI BARASE ( JALAD AA )

 

 

               पानी बरसे 

 

जलद मेरे ,जल्दी से आजा ,

छम - छम - छम ,पानी बरसा जा | 

 

पानी बरसे ,तो मयूरा नाचे ,

सुंदर पंख फैलाए ,

पानी बरसे ,तो मन नाचे ,

नाच हिलोरें खाए | 


पानी बरसे ,तो हरियाली छाए ,

बगिया फूली जाए ,

पानी बरसे ,तो फूल खिलें ,

और खुश्बु महकती जाए | 


पानी बरसे ,तो बच्चे नाचें ,

बरखा का मजा उठाएँ ,

पानी बरसे , बोले पपिहरा ,

पीहू , पीहू का ,गीत सुनाए | 


Monday, July 4, 2022

LEKHANEE ( JIVAN )

 

                              लेखनी 

 

कल्पना से चले लेखनी ,शब्द तभी बनते हैं ,

कल्पना के कारण ही ,गीत ,संगीत सजते हैं | 

 

बिना कल्पना नहीं बनें  , कविता और कहानियाँ ,

बिना कल्पना नहीं सोच में ,कैसे हों रूहानियाँ ?


माँ भी अपने बच्चे की ,नौ महीने तक करे कल्पना ,

तभी तो जन्म पर मुस्कान खिले ,देखे जब साकार कल्पना | 


कल्पित सपने खिलते हैं ,जब मेहनत उनके लिए करें ,

कल्पित गीत तभी तो सुंदर ,होकर दिल को छुआ करें | 


बिना कल्पना कैसे लिखे ? कोई सुंदर सी ग़जल ,

कैसे लाए कोई आँखों में ? नमी या उनको करे सजल | 


चलो कल्पना करते हैं ,और चलाते हैं अपनी लेखनी ,

आप भी करो बंधु ,हम भी चलाते हैं अपनी लेखनी | 


Sunday, July 3, 2022

SAAGAR MEIN ( RATNAAKAR )

 

               

     सागर में 

 

    आया मेघा रे ,आया मेघा रे , 

बरसा सावन रे ,बरसा सावन रे | 

 

नदिया दौड़ी उछल - उछल कर ,

दौड़ - दौड़ कर पहुँची सागर ,

सागर भी खुश हुआ ,

स्वागत किया नदिया का ,अपने अंदर उसे समाया | 

 

सागर की लहरें उछलीं ,तोड़ किनारा भागीं बाहर ,

सागर ने उन्हें बुलाया वापस ,आईं वापस ,

सागर में समाईं | 


कहाँ थी नदिया ? कहाँ समाई ? 

कहाँ थी लहर ? कहाँ समाई ? 

नदिया तो उतर कर पर्वतों से आई ,

दौड़कर सागर के अंदर समाई  | 


लहर गरजती सागर   से ही उपजी ,

किनारे से कूद बाहर आई ,

मगर फिर वापस जा कर ,

सागर में समाई ,सागर में समाई | 


TAAP HARE ( AADHYATMIK )

 

    ताप हरे 

 

मटका गढ़ा कुम्हार ने ,अलग - अलग आकार का ,

मगर काम तो एक ही ,पानी को  ठंडा करे | 

 

मानव गढ़ा है ईश्वर ने ,अलग - अलग विचार का ,

मगर काम तो एक ही ,संसार को स्वच्छ करे | 

 

नियम बनाए जो ईश्वर ने ,उनका वह पालन करे ,

सुख दे सके ना किसी को ,तो दुःख भी ना अर्पण करे | 

 

खुशियाँ बाँटे जो मानव ,ईश्वर भी उसको प्यार करे ,

कठिन समय के आने पर ,वो उस मानव की मदद करे | 

 

साथ अगर हो ईश्वर का ,तो क्यों वह मानव चिंता करे ? 

उसे पता है कि ईश्वर ही ,उसका सारा ताप हरे | 

 

                            

Friday, July 1, 2022

CHAAND MUSKAAE ( CHANDRAMA )

    

                        चाँद मुस्काए 

 

चंदा चमके गगन में ,चंदनिया जग चमकाए ,

चम - चम करते जग को ,देख चाँद मुस्काए | 

 

जग में फैली चाँदनी ,रूप खूब उजलाए ,

जग के इस रूप को ,देख चाँद मुस्काए | 

 

चंदा की आवाज पर ,तारे खूब आ जाएँ  , 

जगमग करते तारों को ,देख चाँद मुस्काए | 


रजनी को भी दोस्तों ,चमकीली ओढ़नी उढ़ाए ,

रजनी के इस रूप को ,देख चाँद मुस्काए | 


तारे ,चंदा ,रजनिया ,खूब ही खेल जमाए ,

ऐसे अनोखे खेल को ,जीत चाँद मुस्काए |