साधारण या ?
हर वक्त की अलग कहानी ,अलग ही साथी ,
बहुत बरस पहले ,एक लड़की ,हमारे साथ थी पढ़ती ,
सीधी - सादी ,एक साधारण सी लड़की ||
नाम था उसका दोस्तों यामिनी ,नाम के अनुरूप नहीं थी वह ,
मगर खूबसूरत भी नहीं थी ,साधारण सी लड़की ||
मगर दोस्तों ! यामिनी जब ,आँखें खोल कर देखती ,
तो उसकी आँखें देख कर ,
कोई भी पलकें नहीं झपका पाता ,
और उसे देखता ही रह जाता ||
लगता था कोई ,चुंबक लगा था उसकी आँखों में ,
जो हर किसी को ,आकर्षित कर लेता था ,
हम भी उसकी आँखों में ,देखते ही रह जाते थे ||
उसकी आँखों की कशिश ,उसकी आँखों का जादू ,
जो थी साधारण सी लड़की ,मगर उसकी आँखें ,
उसे बना देती थीं ,एक असाधारण लड़की दोस्तों ||
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