Friday, August 20, 2021

EISA DEKHA ( JIVAN )

 

                 ऐसा देखा 

 

कोरे कागज पे लिखा ईश ने ,सबकी किस्मत का लेखा ,

कुछ दुःख ,कुछ सुख लिखे ,हमने ऐसा देखा | 

 

जिन रंगों से रंग डाली ,उसने जिसकी किस्मत ,

उन्हीं रंगोंमें रंगा हुआ ,हमने जीवन देखा | 

 

जो दी उसने रफ़्तार जीवन की ,उसी गति से चली जिंदगी ,

गति नहीं बदल सकती ,हमने ऐसा देखा | 

 

दुःख देके ,दुःख वापस लेता ,सुख से झोली भर देता ,

ऊबड़ -खाबड़ राहों में भी ,फूल बिछा वो देता | 

 

कठिन समय में हाथ थामता ,कठिनाई हर लेता ,

इसी से तो जीवन आगे बढ़ता ,हमने ऐसा देखा | 

 

कल क्या हुआ ?आगे क्या होगा ?मानव नहीं जानता ,

मगर हर दिन में एक पल ऐसा आता ,

उसमें जो माँगों वो इच्छा पूरी करता  | 

 

 कभी  नहीं ऐसा सोचो ,जो दुःख दे किसी जीवन को ,

सबका सुख चाहो तो पाओगे ,सुख की मुस्कानों को | 

 

अब तक जीवन बीता जैसे ,आगे भी बीतता जाए ,

सुख की साँस लेते हुए ही ,हम तेरे लोक में आएँ | 

 

सभी को सुखमय कर दो ईश ,दुनिया सब सुख पाए ,

उन्हीं के साथ हमें भी ईश ,दे दो सुख के साए | 

 

बहुत - बहुत आभार तुम्हारा ,जो तुम साथ हो देते ,

तुम जैसा दोस्त पाकर तो ,हम सब चैन से जीते | 

 

                                     

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