Sunday, August 14, 2022

AMRIT MAHOTSAV ( DESH )

 

 

 

                     अमृत महोत्सव 

 

कितने थे वीर देश के ? जान की निछावर देश पर ,

कितने थे लाल माँओं के ?हुए कुर्बान देश पर | 


फाँसी पे लटके कुछ तो ,सीने पे गोली खाई थी ,

पर सब किसी के दिल में बसी ,भारत की माई थी | 


आज़ादी मिली जब देश को ,सब ही खुशियों में डूब गए ,

कुछ - कुछ की तो पलकों में ,ख़ुशी के आँसू तैर गए | 


देश के लाडलों के बलिदान ने ,दिलाई आज़ादी देश को ,

लहराया तिरंगा अपना ,लहराया तिरंगा अपना | 


आज हुए पिचहत्तर बरस ,अमृत महोत्सव आ गया ,

आज़ाद भारत अपना आज ,पिचहत्तर बरस का हो गया | 


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