Friday, March 11, 2022

THAME RAHO HAATH MERA ( PREM )

 

                    थामे रहो हाथ मेरा 

 

सन्नाटा फैला हर ओर ,कहीं नहीं  है कोई शोर ,

सन्नाटे की एक आवाज ,गूँजती है सिर्फ कान में ,

इस आवाज को कैसे समझें ? कैसे जानें ? 

 

तू भी आ साथी मेरे ,सुन लें ये आवाज ,

कुछ समझे तो बता मुझे ,समझा मुझे ,

कैसे समझूँ ? ये बतला मुझे ,समझा मुझे | 

 

तड़प ये दिल की, तू ना जाने , 

तू ना समझे ,ओ दीवाने तू ना जाने ,

रंग प्यार के कैसे होते ?रंग प्यार के कैसे दिखते ? 


रंगों को और निखर जाने दे ,

सपनों को और संवर जाने दे ,

किस्मत को और चमक जाने दे | 


जीवन जैसा भी चले ,चलाओ खुश होकर ,

जीवन को संवार लो ,हिम्मती होकर ,

भूलो ना एक जीवन है ,सजेगा जैसे उसे ,

सजाओगे ,संवरेगा जैसे उसे संवारोगे | 


आज से कल सुंदर होगा ,कल से सुंदर परसों ,

इसी तरह बनते -बनते बीतेंगे ,फिर बरसों ,

थामे रहो हाथ मेरा ,कस के साथी मेरे | 


हर कदम बढ़ाते जाओ ,हिम्मत और मेरे साथ ,

मैं हूँ तुम्हारे साथ ,सदा तुम्हारे साथ ,

थामे रहो हाथ मेरा ,कस के साथी मेरे  |

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