Sunday, March 12, 2023

DHARM - KARM ( AADHYATMIK )

 

                         धर्म -कर्म 


ईश्वर पूजा धर्म है ,मानव सेवा कर्म है ,

जल चढ़ाना ,दीया जलाना , दिखावा है ,

किसी प्यासे को जल पिलाना ,

किसी अँधेरी झोंपड़ी में ,दीया जलाना शुभ कर्म है ,

अब आप क्या करना चाहेंगे बंधु ? धर्म या कर्म ? 


ईश्वर ,किससे खुश होंगे ? धर्म से या कर्म से ? 

विचार कीजिए ,और फिर कर्तव्य निर्वाह कीजिए | 


सत्य पथ और ईमानदारी को कभी मत छोड़िए ,

जीवन फूलों की तरह महक जाएगा ,

महक को अपने जीवन में भर लीजिए ,

अपना आस - पड़ोस भी महका लीजिए | 


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