Friday, June 9, 2023

HUM BANJAARE ( PREM )

 

                                  हम बंजारे 

 

रास्ते हुए हैं सब बंजारे ,कहीं भी मुड़ जाते ,

जाने क्या सोचते ? जाने क्या खोजते ? 

इतने सारे मोड़ों को ,कैसे याद रखते ? 

 

जीवन हमारा तो ,कुछ खोज ना पाता ,

दिल के प्यारे जहां को ,ना दिमाग के आसमां को | 

 

प्यारा जहां -- जहाँ  नफरतों का ,नामो निशां ना हो ,

जहाँ प्यार ही प्यार ,हवाओं में उड़ता हो ,

सभी के दिलों को छूकर ,अपना बसेरा बनाता हो | 


जहाँ नफरतों के लिए ,कोई जगह ना हो ,

दिल -दिमाग दोनों ,होठों पर मुस्कानें बिखराते हों ,

आँखों में चमक ,जुबां पर प्यार भरे नगमे ,

और गीत गुनगुनाए जाते हों ,

साथ में हम भी ,बंजारे बन जाते हैं ,बंजारे बन जाते हैं | 


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