Sunday, June 25, 2023

MUSKAANEN ( KSHANIKA )

 

                            मुस्कानें 


होठों पे  मुस्कान लिए मैं ,चलती गई एक राह पर ,

जो देखे वो भी मुस्का दे ,बढ़ जाए मेरी मुस्कान | 


खुश वो हो जाए जो देखे ,मेरे होठों की मुस्कान ,

इसी तरह मैं रही बाँटती ,पूरे ही रस्ते मुस्कान | 


पल - पल ,छिन - छिन बढ़ती गई ,मेरे होठों की मुस्कान ,

आओ दोस्तों ,तुम भी आओ ,बाँटो तुम भी ये मुस्कान | 

 

बाँटोगे मुस्कान  तो बंधु  ,बढ़ेगी तुम्हारी भी मुस्कान ,

जीवन भर जाएगा मुस्कानों से ,बाँटोगे जो तुम मुस्कान | 


No comments:

Post a Comment