Wednesday, January 7, 2026

CHAMKAAR ( CHANDRAMAA )

 

                            चमकार 

 

चाँद का घर है  , बादलों के पार दोस्तों  ,

चलो उड़ चलें हम भी  , बादलों के पार दोस्तों  ,

लाओ कहीं से दो पंख  , चाहे हों उधार दोस्तों    ||  

 

 पंख लगा कर  हम उड़ जाएँ ,  ऊँचे गगना  में  ,

चाँद पर पहुँच जाएँ , हम गगना  के अँगना में  ,

पहुँच कर चाँद के घर  , कर लें उससे आँखें चार दोस्तों   || 

 

चंदनिया भी मिलेगी वहाँ  , जो मुस्कान है चंदा की  ,

उससे हम करेंगे दोस्ती  , चंदा के उस घर में  ,

चमकाएँगे अपना जीवन , लेकर चंदनिया की चमकार दोस्तों   || 

 

No comments:

Post a Comment