Friday, January 2, 2026

SACH - JHOOTH ( JIVAN )

 

                             सच - झूठ 

 

हम सच बोलते रहे तुम से ,

तुम झूठ बोलते रहे हम से  ,

सच और झूठ की यही राहें , मिलती रहीं आपस में  ,

तो बोलो तुम , ऐसा क्यों  हुआ  ?? 

 

ये सच और झूठ की राहें  , क्यों आपस में टकराईं  ?

क्यों ये राहें ,  अलग नहीं हुईं  ?

तो बोलो तुम  , ऐसा क्यों हुआ  ?? 

 

अगर ये राहें अलग हो गईं  ,

तो जीवन हमारा और तुम्हारा , 

सुंदर हो जाएगा दोस्तों  ,

कीमत कुछ शब्दों की तो होनी चाहिए  ,

मान अपने शब्दों का तो होना चाहिए  ,

सच का सम्मान  होना चाहिए दोस्तों    || 

 

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