Tuesday, March 16, 2021

BARASI ( JALAD AA )

 

   बरसी   ( जलद  आ  )  

 

मैं तो चुप थी ,मैं थी सोई , 

मेरे दुःख में , बदली रोई |

 

दिल भर आया ,आँख ना बरसी ,

पर ऐसे में ,बदली बरसी | 


ना सखि मेरी ,ना तू बहना ,

फिर काहे को ,तू यूँ रोई  | 


कह दे पिया से ,तड़पें ना वो ,

अगर मिलूँ फिर , नींद में सोई  |  



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