Monday, April 3, 2023

SANDESAA BADARAA KAA ( JALAD AA )

 

                         संदेसा बदरा  का      


बदरा ने संदेसा भेजा ," मैं आया हूँ ,

आजा तू घर से बाहर सखे ,

मेरी रिमझिम सी बूँदों में ,तू भी तो ले भीग सखे | "


"मेरी गर्जन सुन कर के ,डर ना जाना प्रिय सखे ,

मेरी तो आवाज कड़क है ,मगर प्यार में डूबी सखे |" 


"रंग -रूप जैसा भी मेरा ,पर मैं हूँ तेरा ही सखे ,

जनम -जनम का रिश्ता अपना ,

नहीं चार दिनों का मेल सखे |"


कुछ ही तो रिश्ते हैं अपने ,तुझसे ,जल से ,दामिनी से ,

बाकी तो जीवन में सब कुछ ,फानी है ,फानी है सखे |"


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