Saturday, August 12, 2023

JAAGNE - JAGAANE SE ( JIVAN )

 

                 जागने - जगाने से 


रवि - किरणों से खिली सुबह ,सुंदर सुबह ,

रंगों से भरी सुबह ,ना मिले माँगने से ,

ना मिले खरीदने से ,ये मिले सिर्फ जागने से | 


रात की निद्रा भी क्या ,माँगने से मिलती ? 

ये मिलती सिर्फ ,

अंतर्मन में खुशियों की बीना छेड़ने से | 


आनंद दिल में उगता ,दिल का कमल है खिलता ,

अपनी खुशियाँ दूसरों में बाँटने से ,

उनकी मुस्कानें जगाने से | 


ये सब कुछ होता है ,दिल खुशियों के ,

सागर में गोते लगाता है ,

अपनी जरूरतें समेटने से ,

दूसरों की खुशियों में खुश होने से | 


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